बरेली। समाजवादी पार्टी में गुटबाजी एक बार फिर चरम पर है। संगठन भंग होने के बावजूद किसी भी मौके पर सपाई एक मंच पर नजर नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को होली मेले में भी कुछ ऐसा ही नजर आया।
पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के सपा छोड़ने के बाद शुरू हुई बयानबाजी और गुटबाजी पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और तत्कालीन महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद को हटाने के साथ ही दोनों इकाइयों को भंग कर दिया था। इसके बाद काफी दिन तक दावेदार लखनऊ दौड़ लगाते रहे लेकिन किसी को लिफ्ट नहीं मिली। लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व ने जिला एवं महानगर अध्यक्ष घोषित करने के बजाय लोकसभा चुनाव संचालन समिति घोषित कर दी। मगर इसके बावजूद सपाई एकसाथ नजर नहीं आ रहे हैं। सपा के कई कद्दावर न सिर्फ गठबंधन के बैनर तले होने वाले कार्यक्रमों से नदारद हैं बल्कि बृहस्पतिवार को वे होली मेले में भी नजर नहीं आए। सपा के नाम पर चंद नेता ही वहां नजर आए। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।