बरेली। शिया मुसलमानों के दूसरे इमाम हजरत हसन को याद किया गया। उनके नाम से मनसूब मन्नती दस्तरख्वान सभी घरों में अकीदत के साथ सजाए गए। जगह-जगह हुई नजर के बाद आतंकवाद के खात्मे के लिए दुआएं भी की गईं।
सभी घरों में सुबह से ही हजरत हसन के नाम पर मन्नती दस्तरख्वान सजाए जाने लगे। इसके बाद नजर दिलाने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। घरों में बनाए गए विभिन्न पकवान दस्तरख्वान में शामिल किए गए। इसके बाद नजर पेशकर लोगों ने मन्नत मांगी। साथ ही दहशतगर्दी के खात्मे के लिए खास दुआ की। इस मौके पर छीपी टोला स्थित मस्जिद दीवानखाना में इशा की नमाज के बाद मौलाना नूरुल हसन जैदी सेंथली ने नमाजियों को खिताब किया। उन्होंने कहा कि जिस घर में इमाम हसन की नजर का एहतमाम किया जाता है, उस घर में अल्लाह अपनी रहमत और बरकतों की बारिश करता है। तकरीर के बाद सभी ने मुल्क में अमन और भाईचारे के लिए दुआ की। इस दौरान सलीम हसन, मोहम्मद अस्करी, समर अब्बास जैदी, गुलरेज हुसैन, समर हैदर, जिया जैदी आदि मौजूद रहे।