निगम में अब दारूबाजी हुई तो खैर नहीं, सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। नगर निगम परिसर को उसके कर्मचारियों के दारू पीने का अड्डा बना लिए जाने के मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया तो अफसर भी होश में आ गए। शुक्रवार सुबह कार्यालय खुलते ही पूरे परिसर में ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाया गया और पीकर इधर-उधर फेंकी गई शराब की खाली बोतलें हटवा दी गईं। परिसर में अब शराबखोरी न हो, इसकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाने शुरू कर दिए गए हैं। इसके साथ कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक मशीनें भी लगाई जाएंगी।
आईएएस सैमुअल पॉल एन. ने नगर आयुक्त का चार्ज लेते ही नगर निगम में सुधार की कवायद शुरू कर दी थी। मगर कर्मचारियों पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा। बुधवार और बृहस्पतिवार को नगर निगम परिसर में जगह-जगह शराब की बोतलें पड़ी नजर आईं। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया तो शुक्रवार को कार्यालय खुलते ही प्रभारी नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने पूरे परिसर में शराब की बोतलें तलाश कराकर बाहर फिंकवाई। इसके साथ ही निगम में निगरानी तेज करने के लिए परिसर में 16 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस समय नगर निगम में कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर में लगती है। दो बार बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गईं लेकिन मनमानी के चलते कर्मचारियों ने खराब कर दिया और यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। नगर आयुक्त बदले हैं तो एक बार फिर कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की कवायद शुरू हो गई है। यह मशीनें निगम के बरामदे में एक ही जगह पर लगाई जाएंगी।
परिसर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का समय पर आना-जाना सुनिश्चित करने के लिए छह बायोमीट्रिक मशीनें भी लगाई जा रही हैं। - ईश शक्ति सिंह, प्रभारी नगर आयुक्त