बरेली। नगर निगम और बीडीए के बीच अड़ंगेबाजी में मोती पार्क पर बनने वाली नगर निगम की मल्टीस्टोरी पार्किंग में पेंच फंस गया है। बीडीए ने जमीन के स्वामित्व समेत आठ से ज्यादा आपत्तियां लगाकर बीडीए का मानचित्र तीन महीने पहले लौटा दिया था। मगर नगर निगम ने अब तक बीडीए की आपत्तियों को दूर नहीं किया और न ही संशोधित नक्शा स्वीकृत कराने के लिए बीडीए भेजा। इसलिए अब मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण लटक गया है।
नगर निगम में लंबे समय से कुतुबखाना स्थित मोती पार्क पर चार मंजिला ऊंची मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने को लेकर कवायद चल रही थी। मगर यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी क्योंकि नगर निगम पार्किंग में आने वाली जमीन के स्वामित्व पर अपना स्वामित्व साबित नहीं कर पा रहा है। बीडीए ने लगभग तीन महीने पहले नगर निगम का मल्टीस्टोरी पार्किंग का नक्शा आपत्तियां लगाकर लौटा दिया था।
मेयर उमेश गौतम ने मल्टीस्टोरी पार्किंग पीपीपी मोड पर बनवाने की योजना बनाई थी। अगस्त में गाजियाबाद की एक फर्म को इसे बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। साढ़े चार करोड़ की लागत से बनने वाली चार मंजिला पार्किंग में 125 वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई थी। पार्किंग की खास बात यह है कि ग्राउंड फ्लोर से लेकर दो मंजिल तक केवल दुकानें बनेंगी। तीसरी और चौथी मंजिल पर ही वाहन खड़े किए जा सकेंगे। नगर निगम के आर्किटेक्ट ने पार्किंग का जो नक्शा तैयार किया है उसमें कुतुबखाना के व्यापारियों की भी जमीनें आ रही हैं। दूसरी बात यह कि कुतुबखाना पर ओवरब्रिज निर्माण का भी प्रस्ताव है। बीडीए ने सबसे पहले अपनी आपत्तियों में मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण के लिए जमीन के स्वामित्व संबंधी साक्ष्य मांगे हैं।
बीडीए की दूसरी बड़ी आपत्ति ऐतिहासिक घंटाघर की इमारत के बारे में स्थिति स्पष्ट करने की थी, क्योंकि मल्टीस्टोरी पार्किंग के बीच में घंटाघर आ रहा है। घंटाघर का एतिहासिक महत्व है। इसे तोड़ा जाए या पार्किंग मुड़ेगी, इस पर भी नगर निगम के नक्शे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीडीए की आपत्तियों से नगर निगम सहमत नहीं है। इसे लेकर पहले भी मेयर और तत्कालीन बीडीए वीसी डॉ. सुरेंद्र कुमार में तनातनी हो चुकी है।
कुतुबखाना में मल्टीस्टोरी पार्किंग के नक्शे में कई बड़ी खामियां थीं। सबसे बड़ी बात जमीन के स्वामित्व की है। हम उसी का नक्शा तो पास करेंगे, जितनी जमीन पर नगर निगम का स्वामित्व है। बाकी अन्य खामियां भी हैं। उनको दूर करते ही नक्शा मंजूर हो जाएगा।
- आशीष शिवपुरी, सीटीपी बीडीए
मल्टीस्टोरी पार्किंग में बीडीए द्वारा लगाई आपत्तियों को दूर किया जा रहा है। मुख्य आपत्ति बीच से जा रहे रास्ते को लेकर थी। इस आपत्ति को दूर कराने के लिए संपत्ति विभाग को लिखा गया है।
- संजय चौहान, एक्सईएन, नगर निगम