बरेली। नोट बंदी के दौरान कालाधन ठिकाने लगाने के मामले में सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक की सिविल लाइंस शाखा के अफसर और बाबुओं से तीसरे दिन भी पूछताछ की। हालांकि, एसबीआई की मुख्य ब्रांच में लगातार चल रही पूछताछ के बारे में बैंक स्टाफ कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। मगर, सीबीआई की जांच ब्रांच की पूर्व महिला अफसर के बयानों पर टिकी है, जो इस समय लखनऊ की शाखा में तैनात है। बयान दर्ज कराने के लिए सीबीआई उसे लखनऊ से बुला सकती है।
नोटबंदी के दौरान एसबीआई की मुख्य ब्रांच से कई बडे़ उद्यमियों के नोट नियम विरुद्ध बदले गए। इसमें बड़े पैमाने पर अनधिकृत लेन-देन की बात ऊपर तक पहुंच गई। सीबीआई बैंक के अफसर और कर्मचारियों से लगातार इस संबंध में पूछताछ कर रही है। शनिवार को भी सीबीआई ने बैंकके अफसर और बाबुओं से नोटबंदी के दौरान बदले गए नोटों का हिसाब-किताब खंगाला। अफसर और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। एसबीआई स्टाफ से कैश और बाउचर के बारे में भी जानकारी ली। बैंक सूत्रों के अनुसार नोटबंदी के दौरान ब्रांच में तैनात रही एक अफसर से लखनऊ में पूछताछ हो चुकी है। मगर सीबीआई ब्रांच की पूर्व महिला अफसर के बयान लेना चाहती है। महिला अफसर को शनिवार को बयान देने थे। मगर, वर्तमान में उनकी भी तैनाती लखनऊ में होने के चलते बयान नहीं हो सके। सीबीआई महिला अफसर को लखनऊ से बुलाकर बयान दर्ज कर सकती है।