बरेली। चौपुला फ्लाईओवर के काम पहले ही काफी धीमा चल रहा था, लेकिन अब इस पर ब्रेक लग गया है। सेतु निगम के अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि इस काम को किसी निजी एजेंसी के हाथ में सौंप दिया जाए। अधूरा पड़ा काम पब्लिक के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है।
करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत चौपुला फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर कोई तेजी नहीं दिखाई दे रही है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद भी सेतु निगम के अधिकारी काम शुरू करने में देरी कर रहे हैं। दिखावे के लिए यहां कैंप कार्यालय बना दिया गया है। कई जगह सड़क को भी खोद दिया गया है तो सड़क किनारे चौपुला चौराहे से अयूब खां रोड पर बैरिकेडिंग भी कर दी गई है। करीब माहभर से बस इतना काम कराकर बंद कर दिया गया। शुक्रवार को यहां कोई मजदूर काम करते नहीं दिखा। न ही निगम के इंजीनियर नजर नहीं आए। आसपास के लोगों का कहना है कि पुल का काम बहुत ही सुस्त है। थोड़ा काम होता है और फिर बंद हो जाता है। यही रफ्तार रही तो चौपुला पुल बनने में कई साल लग जाएंगे। जबकि चौराहे पर वैसे भी काफी ट्रैफिक रहता है। पुल का अधूरा काम ट्रैफिक को लेकर और भी बड़ा संकट खड़ा कर देगा। गौरतलब है कि इस पुल के निर्माण को लेकर सेतु निगम के अफसर पहले से ही दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि स्थानीय अधिकारी मुख्यालय को यह रिपोर्ट भी भेज चुके हैं कि यह काम किसी निजी संस्था से करा लिया जाए।
सेटेलाइट के काम को कराने के मूड में नहीं अफसर
चौपुला और सेटेलाइट फ्लाईओवर के निर्माण एक साथ मंजूर हुए थे। सेटेलाइट फ्लाईओवर का नक्शा भी पास हो चुका है। करीब 26 करोड़ की वित्तीय मंजूरी काफी पहले ही हो चुकी है। यहां भी सेतु निगम के अधिकारियों ने कैंप कार्यालय तो बनवा दिया है, लेकिन उससे आगे का काम चालू नहीं हो पा रहा है।
चौपुला के काम के लिए निर्माण सामग्री आदि के टेंडर होने हैं। मुख्यालय स्तर से कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने हैं। इस पुल का काम समय से पूरा होगा। - देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम