ओवररेट कर बेची जा रहे कारतूस, दिखाओ रिकार्ड
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। चुनाव से पहले शस्त्र विक्रेताओं पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने कारतूसों की बिक्री और उसकी रसीदों के साथ ही यह भी देखा कि उनके यहां कितने हथियार किराए पर रखे गए हैं।
शस्त्र विक्रेताओं को लेकर लगातार ये शिकायतें सामने आ रही हैं कि तमाम दुकानदार कारतूसों की बिक्री में खेल कर रहे हैं। कारतूसों को मनमाने रेट पर बेचा जा रहा है। साथ ही उनके रिकार्ड भी छिपाए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन को यह आशंका है कि चुनाव के पहले कहीं कारतूस गलत हाथों में तो नहीं जा रहे हैं। प्रशासन के पास पहुंच रहीं कई गंभीर शिकायतों को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला और सीओ सिटी फर्स्ट कुलदीप कुमार ने संयुक्त रूप से स्टेशन रोड पर पहुंचकर इसकी जांच भी की। सिटी मजिस्ट्रेट ने रिकार्ड चेक किए कि किस दुकानदार ने कितने कारतूस बेचे हैं और शस्त्रधारकों से उसकी कितनी रकम वसूल की जा रही है।
हथियार की कीमत से ज्यादा दे चुके किराया
शस्त्रधारक के मृतक आश्रित अगर लाइसेंस का नामांतरण नहीं करा पाते तो निर्धारित समय सीमा के बाद वे हथियार अवैध हो जाते हैं। लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं हो जाती, उन हथियारों को किसी शस्त्र विक्रेता की सुपुर्दगी में देना होता है। प्रशासन की तरफ से उनका समय-समय में सत्यापन भी होता रहता है। कई लोगों की शिकायत पहुंची हैं कि तमाम दुकानदार शस्त्रों को रखने के नाम पर मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह हथियारों की कीमत से ज्यादा उसका किराया भर चुके हैं।
शस्त्र विक्रेताओं की काफी शिकायतें मिल रही हैं। इसकी जांच की जा रही है। गड़बड़ी कर रहे दुकानदारों के खिलाफ जल्द ही एक्शन लिया जाएगा।
- अशोक कुमार शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट