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कमीशनखोरी रोकने की कवायदः स्कूलों में स्वेटर सप्लाई करेंगे महिला समूह

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बरेली। सरकारी स्कूलों के बच्चों के करीब साढ़े छह करोड़ की स्वेटर खरीद में इस बार कमीशनबाजी न हो, इसके लिए शिकंजा कसा जा रहा है। सीडीओ ने इसके लिए महिला समूहों से स्वेटर की सप्लाई करने के आदेश दे दिए हैं, जबकि अब तक फर्में विभागीय अधिकारियों से जोड़तोड़ करके बड़ा घोटाला करती आई हैं। ऐसे में हर साल बमुश्किल 30 से 40 फीसदी बच्चों को ही स्वेटर मिल पता है।
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करीब तीन हजार प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों के 3.13 लाख बच्चों के लिए अक्तूबर में स्वेटर खरीद होनी है। इसके लिए सभी स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समितियों को करीब छह करोड़ का भुगतान होना है। करोड़ों की स्वेटर खरीद में इस बार भी तमाम फर्में तमाम विभागीय अफसरों के साथ गठजोड़ करके बड़े घोटाले का तानाबाना बुनने की कोशिश में लगी हैं। इसकी भनक लगने के बाद सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने रविवार को विकास भवन में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ जिलेभर के महिला समूहों को भी बुलाया, जिसमें तय हुआ कि समूह शासन से प्रत्येक स्वेटर के लिए निर्धारित दो सौ रुपये की खरीद करके उसकी सप्लाई स्कूलों में करेगा।
सीडीओ ने बताया कि समूह अच्छी क्वालिटी के स्वेटर खरीदें। 75 फीसदी भुगतान स्वेटर की आपूर्ति देने पर होगा। बाकी की धनराशि स्वेटर की क्वालिटी चेक होने के बाद दी जाएगी। इस मौके पर सलमान जमीर, मनोरमा बिष्ट आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि बच्चों की यूनिफार्म खरीद में भी इस साल करीब 140 महिला समूहों को ही काम दिया गया था। सीडीओ ने बताया कि इस बार स्वेटर खरीद और वितरण में पूरी पारदर्शिता रहेगी।
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