ग्रांट मिलने पर भी हाईटेक
नहीं हुए राजकीय कॉलेज
क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी के निरीक्षण में खुली कॉलेजों की पोल
- विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को 12 राजकीय कॉलेजों को रूसा से मिली है 70-70 लाख की ग्रांट
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। राजकीय डिग्री कॉलेजों में विद्यार्थियों को बेहतर और हाइटेक सुविधाएं उपलब्ध कराने को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से बरेली और मुरादाबाद मंडल के 12 राजकीय कॉलेजों को 70-70 लाख की ग्रांट मिली, जिसका इन कॉलेजों ने कोई लाभ नहीं उठाया। शासन से इन कॉलेजों की रिपोर्ट तलब होने पर जब क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी ने इनका निरीक्षण किया तो आधे से ज्यादा कॉलेजों में कार्य ठंडे बस्ते में मिले। उन्होंने कॉलेजों को हिदायत दी कि सत्र शुरू होने से पहले सारा कार्य पूरा कर लिया जाए।
यहां बता दें कि रूसा की तरफ से 12 राजकीय कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी, वाईफाई सेवा, स्मार्ट क्लास, लैब, लाइब्रेरी, हाईटेक उपकरण, ऑनलाइन जर्नल्स जैसी कई सुविधाएं विकसित होनी थीं। अधिकतर कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी, वाई-फाई सेवा और स्मार्ट क्लास की सुविधा नहीं है, जबकि बजट जारी हुए अरसा बीत गया। कॉलेजों की उदासीनता के चलते योजना ठंडे बस्ते में पड़ गई। कुछ कार्य हुए तो कुछ अधूरे छोड़ दिए गए। अब नवागत क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण करना शुरू किया तो कॉलेजों की स्थिति सामने आ रही है।
तीन मॉडल डिग्री कॉलेजों को मिलेगा तोहफा
करीब दो-दो करोड़ की लागत से तीन जी प्लस थ्री कॉलेज बन रहे हैं। यह मॉडल कॉलेज होंगे। यहां स्मार्ट क्लास के साथ तमाम सुविधाएं छात्रों को मिलेंगी। गर्ल्स और ब्वॉयज दोनों के लिए हॉस्टल की सुविधा भी होगी।
रूसा से इन कॉलेजों की मिली है ग्रांट
-राजकीय कॉलेज बीसलपुर पीलीभीत
-राजकीय कॉलेज सहसवान बदायूं
-राजीकय कॉलेज कांठ मुरादाबाद
-राजकीय रजा कॉलेज रामपुर
-राजकीय कॉलेज आंवला
-राजकीय कॉलेज बिसौली बदायूं
-वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय बरेली
-राजकीय कॉलेज फरीदपुर
-किसान गन्ना महाविद्यालय जलालाबाद
-अंबेडकर कॉलेज गजरौला
-राजकीय कॉलेज कुनौर सम्भल
-राम लुभाई सहानी राजकीय महिला कॉलेज पीलीभीत
वर्जन
12 राजकीय कॉलेजों को 70-70 लाख ग्रांट मिली थी। शासन से इनकी स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई। अभी कुछ कॉलेजों में कार्य चल रहा है। नए सत्र तक सारी सुविधाएं बेहतर हो जाएंगी।
- डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी