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बैंक एटीएम पर बीमा

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(एटीएम कार्ड का फोटो का इस्तेमाल कर सकते हैं।)
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एटीएम कार्ड पर मिलता है मुफ्त बीमा.. यह तो पता ही नहीं
-अलग-अलग बैंक एक से पांच लाख रुपये तक का देती हैं मुफ्त बीमा लाभ
-बैंक अफसरों की लापरवाही से बंद है प्रचार, कार्ड पर भी नहीं होती जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। एटीएम कार्ड का इस्तेमाल अक्सर कैश निकालने और ऑनलाइन लेनदेन के लिए होता है, लेकिन 90 फीसदी लोगों को यह जानकारी ही नहीं है कि अगर उनके पास सरकारी या किसी भी निजी बैंक का एटीएम कार्ड है तो उनका एक से पांच लाख रुपये तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा होता है। खास बात यह है कि इसकी जानकारी एटीएम कार्ड पर नहीं होती है। एकाउंट खुलने के दौरान बैंक से मिलने वाली किट पर भी बहुत छोटे शब्दों में इसका उल्लेख होता है।
वर्ष 2004-05 में जब एटीएम कार्ड जारी करने की शुरूआत हुई थी तो उस वक्त इस पर मिलने वाले एक्सीडेंटल इंश्योरेंस का काफी प्रचार-प्रसार बैंकों ने किया था। एटीएम पर भी अक्सर ऐसी सूचनाएं लिखी रहती थीं। बाद में बैंक अधिकारियों ने लापरवाही शुरू कर दी और अब एटीएम पर मिलने वाले बीमा की जानकारी देना तकरीबन बंद हो गई है, जबकि अलग-अलग बैंक अपने ग्राहकों को एटीएम कार्ड पर एक से पांच लाख रुपये तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा करती हैं। मृत्यु होने पर बीमा की पूरी धनराशि मिलती है। साथ ही गंभीर रूप से घायल होने पर यह धनराशि 25000 से लेकर एक लाख रुपये तक होती है।
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बीमा के लिए 40 दिन में एक बार एटीएम का इस्तेमाल करना है जरूरी
अगर आपने बैंक से एटीएम कार्ड जारी कराया है तो उसे घर पर यूं ही बेकार न छोड़ें। इसके रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी है कि कार्ड का इस्तेमाल कर एटीएम से पहली बार कैश तत्काल निकालें। यह धनराशि कितनी भी कम हो सकती है। पहली बार कैश निकालते ही एटीएम का रजिस्ट्रेशन हो जाता है। एटीएम कार्ड पर बीमा का लाभ लेने के लिए 40 दिन में कम के कम एक बार ट्रांजेक्शन होना जरूरी है। वरना कार्ड अवैध हो जाता है।

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कैसे लें क्लेम
एटीएम इंश्योरेंस क्लेम के लिए एटीएम धारक को दो से पांच माह के अंदर क्लेम करना होता है। यदि किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उससे संबंधित व्यक्ति को दो से पांच माह के अंदर बैंक की उसी ब्रांच में जाना होगा, जहां मृतक का अकाउंट है। वहीं पर बीमा दावा के लिए एप्लीकेशन देनी होगी। दिव्यांग होने से लेकर मृत्यु होने तक मुआवजे के अलग-अलग प्रावधान हैं।
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जानकारी के अभाव में न के बराबर दावे
एटीएम कार्ड धारकों को बीमा की जानकारी नहीं है। बैंकों ने भी प्रचार करना बंद कर दिया है। एटीएम कार्ड पर भी इस बारे में जिक्र नहीं होता। इसलिए बहुत की कम लोगों को इसकी जानकारी है। एक राष्ट्रीयकृत बैंक के उच्चाधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में दावा करने वालों की तादाद लगभग न के बराबर ही है।
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