टुल्ला : कॉलेज प्रशासन ने जिला प्रशासन से की शिकायत
बरेली कॉलेज से लगे कब्जे
छात्राओं के लिए खतरनाक
सबहेड : बरेली कॉलेज से लगी निगम की जमीनों पर कब्जे, अफसर बेपरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
बरेली कॉलेज के पूर्वी गेट के पास दीवार से लगे कब्जे छात्राओं के लिए खतरनाक साबित होने लगे हैं। यहां जमावड़ा लगाने वाले असामाजिक तत्व छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने डीएम से शिकायत की है। पत्र की प्रति मेयर और कमिश्नर को भी भेजी है। वहीं दूसरी ओर अपनी जमीन पर हुए इस कब्जे को लेकर निगम के अफसर बेपरवाह हैं। वर्षों से स्टे की आड़ में अतिक्रमण करने वाले लगातार कब्जे का दायरा बढ़ा रहे हैं और नगर निगम हाथ पर हाथ रखकर बैठा है।
बरेली कॉलेज के पूर्वी गेट की ओर नगर निगम की 108 फुट चौड़ी सड़क है। 1925 में नगर पालिका को यह सड़क हस्तांतरित हुई थी। इसके बाद बरेली कॉलेज के स्वीमिंग पूल के पास सन 1992 में एक धर्मस्थल की आड़ में कब्जे होने शुरू हुए तो नगर निगम ने कार्रवाई कर वहां 30 वाई 10 फुट में बनाई जा रही दुकानें ध्वस्त कर दी थीं। एक कोठरी में कुछ मूर्तियां थीं, जिन्हें छोड़ दिया गया। मगर इसके बाद कब्जे फिर शुरू हो गए। इसके बाद कब्जा करने वाला रामलखन तिवारी वर्ष 1993 में मुंसिफ कोर्ट से स्टे ले आया, इसमें 41.90 मीटर निर्माण का जिक्र है।
नगर निगम स्टे के खौफ में
कॉलेज गेट पर हो गया कब्जा
स्टे मिलने के बाद अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। यहां तीन मंजिल भवन बन चुके हैं। दो दर्जन के करीब दुकानें बनी हुई हैं। मगर नगर निगम को 1993 में हुए स्टे के खिलाफ 1998 में हाईकार्ट जाने की याद आई। अतिक्रमण करने वालों ने बरेली कॉलेज के गेट पर अपना बोर्ड लगा लिया है और वहां भी कब्जे की तैयारी है जबकि मानसिक चिकित्सालय की ओर यहां पर ऐसा न करने का चेतावनी बोर्ड लगा है।