पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा तैयार किए गए आइसोलेशन कोच।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बाजार में उपलब्धता बढ़ने पर सैनिटाइजर बनाने का काम बंद
बरेली। इज्जतनगर रेलवे वर्कशाप में 21 यात्री कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया गया है। बीस कोच और बदले जाने हैं। तैयार कोचों को एनई रेलवे मुख्यालय के निर्देश पर ही स्टेशनों और अन्य जगहों पर खड़ा किया जाएगा। बाजार में सैनिटाइजर की उपलब्धता होने पर वर्कशाप में सैनिटाइजर बनाने पर रोक लगा दी गई है।
इज्जतनगर रेलवे वर्कशाप में 21 आइसोलेशन कोच बनकर तैयार हो गए हैं। वर्कशाप के अतिरिक्त काठगोदाम, लालकुआं और कासगंज स्थित कोचिंग डिपो में भी आइसोलेशन कोच तैयार हो रहे हैं। अभी और 20 यात्री कोच आइसोलेशन कोच में बदलने बाकी हैं।
यहां बता दें कि रेलवे बोर्ड ने इज्जतनगर रेलवे वर्कशाप को 41 यात्री कोचों को आइसोलेशन कोच में बदलने का जिम्मा दिया है। आइसोलेशन कोच तैयार होने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर के निर्देश पर स्टेशनों और अन्य जगहों पर उन स्थानों पर खड़े किए जाएंगे जहां बिजली और पानी आपूर्ति की समुचित व्यवस्था होगी। एक आइसोलेशन कोच में आठ केबन कोरोना संक्रमित वार्ड हैं, जिसमें ऑक्सीजन सुविधा, दवाएं समेत अन्य उपकरण लगाए गए हैं। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए भी अलग केबन बनाया गया है। मेडिकल स्टाफ स्थानीय डॉक्टरों के संपर्क में रहेगा।
अब तक 800 लीटर बनाया जा चुका है सैनिटाइजर
बरेली। बाजार में सैनिटाइजर की भरपूर उपलब्धता होने पर रेलवे वर्कशाप में सैनिटाइजर बनना बंद हो गया है। एक अप्रैल से आठ सौ लीटर सैनिटाइजर बन चुका था। इसके अलावा 12 सौ मास्क भी बनाकर वर्कशाप स्टाफ को दिए जा चुके हैं।
21 यात्री कोचों को आइसालेशन कोच में बदल दिया गया है। रेलवे वर्कशाप में सैनिटाइजर भी बनना बंद करा दिया गया है। बीस यात्री कोचों को आइसोलेशन कोच में बदलना अभी बाकी है।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेल मंडल