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परीक्षा में सवालों से और सड़क पर जाम से जूझे स्टूडेंट्स

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बरेली। बीएड की प्रवेश परीक्षा में बरेली जिले में 33267 अभ्यर्थी शामिल हुए। यहां 71 केंद्रों पर 35688 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन 2422 गैरहाजिर रहे। पहली पाली के पेपर में छात्र-छात्राओं को जरनल नॉलेज और अंग्रेजी ने परेशान किया। दूसरे पेपर में रीजनिंग आसान रही, लेकिन कॉमर्स के सवालों ने खूब उलझाया। परीक्षा के बाद घर जाने को निकले परीक्षार्थियों को जगह-जगह जाम से भी जूझना पड़ा।
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परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया पहले पेपर में 50 प्रश्न जनरल नॉलेज और 50 भाषा के थे। जनरल नॉलेज के ज्यादातर प्रश्न 2018-19 से संबंधित थे, जिसके चलते तमाम छात्र इनमें खूब उलझे। वहीं अंग्रेजी भाषा का पेपर भी कठिन आया था। दूसरे पेपर में आमतौर पर कठिन लगने वाली रीजनिंग के सवालों को अभ्यर्थियों ने सरल बताया लेकिन कॉमर्स के सवालों को उम्मीद से ज्यादा कठिन करार दिया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते परीक्षा में कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई। परीक्षा के दौरान कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, राज्य समन्वयक प्रो. बीआर कुकरेती एवं अन्य अधिकारियों ने विश्वविद्यालय कैंपस, बरेली कॉलेज, बरेली डिग्री कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज में निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली। वहीं परीक्षा संपन्न होने के बाद विश्वविद्यालय में उत्तरपत्र जमा करने का सिलसिला शुरू हो गया। दूर दराज के केंद्रों से आने वाले प्रतिनिधि पूरी रात परीक्षा सामग्री लेकर विश्वविद्यालय पहुंचते रहे।

नहीं था ट्रैफिक प्लान, लगा जाम
इतनी बड़ी परीक्षा होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने कोई प्लान तैयार नहीं किया था। इसके चलते बरेली कॉलेज से परीक्षार्थी छूटे तो कालीबाड़ी पर जाम लग गया। ऐसे ही सुबह के समय डेलापीर के पास भी जाम के हालात बने। परीक्षा के बाद घर वापसी के लिए छात्र-छात्राओं की रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर भीड़ उमड़ी तो वहां भी जाम के हालात बने।
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ऑटो वालों ने की मनमानी वसूली
बाहर से आए छात्र-छात्राओं की भीड़ का ऑटो एवं रिक्शे वालों ने नाजायज फायदा उठाया। इमरान अंसारी ने बताया कि रिठौरा में वह अपनी रिश्तेदार को परीक्षा दिलाने ले गए थे। वहां से जंक्शन तक जाने के टेंपो वाले ने 50 रुपये मांगे। कुछ लोगाें का टेंपो वाले से विवाद हुआ तो पुलिस ने मामला शांत कराया।

नहीं बंद हुई फोटोस्टेट की दुकानें
परीक्षा में गड़बड़ी को रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा केंद्र से 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट की दुकानें एवं पीसीओ बंद कराने के निर्देश दिए थे लेकिन यह आदेश निष्प्रभावी रहा। बरेली कॉलेज के आसपास ही फोटोस्टेट की दुकानें पूरे दिन खुली रहीं।

‘इतने बड़ी परीक्षा के आयोजन को लेकर मन में तमाम शंका थीं लेकिन सभी के सहयोग से परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई है। कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।’
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- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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