बरेली। ससुर से हलाला के लिए मजबूर की गई पीड़िता ने अपने भाई के अपहरण के मामले में आरोपी शौहर की गिरफ्तारी न किए जाने पर सवाल उठाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसका शौहर खुलेआम घूम रहा है लेकिन पुलिस उसे फरार बता रही है। यहां तक कि बुधवार को वह अदालत की तारीख पर पहुंचा, उसने इसकी पुलिस को सूचना भी दी लेकिन पुलिस ने जानबूझकर इतनी देर लगा दी कि वह वहां से निकल गया। पीड़िता का कहना है कि मोदी सरकार ने तीन तलाक पर अध्यादेश तो बना दिया, लेकिन पुलिस जब आरोपियों को बचाने में जुटी है तो पीड़ित महिलाएं इस अध्यादेश का क्या करें।
हलाला पीड़ित का भाई कुछ समय पहले लापता हो गया था। पीड़िता की ओर से अपने शौहर और देवरों के खिलाफ उसका अपहरण कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता का कहना था कि उसका शौहर और देवर अक्सर उसके भाई को रास्ते में रोककर उस पर हलाला के मामले में मुकदमा वापस कराने का दबाव डालते थे और उसे अंजाम भुगतने की धमकियां भी देते थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली के दिल्ली में उसका मामला उठाए जाने के बाद बमुश्किल पुलिस ने उसकी एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी करने में लगातार टालमटोल कर रही है।
पीड़िता के मुताबिक उसका शौहर से अदालत में घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ते का मुकदमा चल रहा है। बुधवार को गुजारा भत्ते मामले की अदालत में सुनवाई थी। अदालत में तारीख पर उसके भाई के अपहरण का आरोपी शौहर भी पहुंचा। अदालत में उसे देखने के बाद उसने अपहरण के मामले की विवेचना कर रहे दरोगा को फोन किया। उनसे कहा कि जो आरोपी आपको ढूंढे नहीं मिल रहा, वह अदालत में हैं। विवेचक ने उससे वहीं रहने की बात कहते हुए कहा कि वह फोर्स लेकर फौरन पहुंच रहे हैं। मगर इसके बावजूद नहीं पहुंचे। फोन पर बार-बार यह जरूर कहते रहे कि अभी आ रहा हूं। इस बीच अदालत की तारीख निपटाकर उसका शौहर वहां से निकल गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस का यह रवैया ऐसे ही नहीं है। उसे यकीन है कि पुलिस ने उसके शौहर से पैसा खा लिया है। इसी वजह से शौहर के इसी शहर में मौजूद होने के बावजूद पुलिस लगातार उसे फरार बताती रही है। पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने उससे यह भी कहा कि उन्होंने गिरफ्तारी के लिए वारंट ले लिया है। उसने अपने वकील से पता कराया तो मालूम हुआ कि कोई वारंट अदालत से नहीं हुआ था। पुलिस उसे गुमराह कर रही है।
और शौहर की होशियारी.. पुलिस
सुरक्षा में निकला कोर्ट से बाहर
बोला- कोर्ट के बाहर बीवी पीटेगी इसलिए उसे अंदर बैठाओ
बरेली। अदालत में उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई जब मुकदमे की बहस निपटने के बाद भी हलाला पीड़िता के शौहर ने बाहर निकलने से इंकार कर दिया। उसका कहना था कि वह बाहर निकलेगा तो उसकी बीवी उससे मारपीट करेगी और झूठे मुकदमे में बंद भी करा देगी। अदालत के आदेश पर उसे पुलिस की निगरानी में वकील के चैंबर तक भेजा गया जहां से वह निकल लिया।
हलाला पीड़िता ने अपने शौहर के खिलाफ एफटीसी फर्स्ट अजय सिंह की अदालत में गुजारे भत्ता का मुकदमा दायर कर रखा है। बुधवार को पीड़िता के वकील भुपेंद्र भडाना को उससे जिरह करनी थी। जिरह पूरी होने के बाद सुनवाई की अगली तारीख 12 अप्रैल तय कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद आरोपी शौहर अदालत में ही बैठा रहा। जब उससे जाने को कहा गया तो उसने इंकार कर दिया और अपने वकील राहुल भसीन को बुला लिया। राहुल भसीन ने कोर्ट से कहा कि बीवी अपने शौहर से झगड़े पर उतारू है। अगर वह कोर्ट से बाहर निकला तो वह उससे मारपीट करेगी और उसे झूठे मुकदमे में गिरफ्तार करा देगी। इसलिए उसे सुरक्षा दी जाए। यह भी कहा पिछली कई तारीखों से वह इसी डर से कोर्ट नहीं आ रहा था कि कहीं उसे फर्जी मुकदमे में न फंसा दिया जाए। इस कोर्ट में उसके खिलाफ ऐसा कोई मुकदमा भी विचाराधीन नहीं है जिसमें उसे गिरफ्तार किया जाए। लिहाजा वह तभी कोर्ट से बाहर निकलेगा जब उसकी बीवी को कुछ देर के लिए कोर्ट मेें बैठा लिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने ही शौहर को पुलिस की निगरानी में उसके वकील के चैंबर तक भिजवाया।