बरेली। मेयर उमेश गौतम की बर्खास्तगी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले भाजपा पार्षद विपुल लाला का पार्टी से निष्कासन तय हो चुका है। रविवार को महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा ने प्रदेश अध्यक्ष और बृज क्षेत्र अध्यक्ष को उनके छह साल के निष्कासन की संस्तुति भेज दी है।
उमेश गौतम के मेयर बनते ही भाजपा पार्षद विपुल लाला ने उनका विरोध शुरू कर दिया था। बोर्ड की मीटिंग में भी उन्होंने मेयर का विरोध किया। पिछले दिनों काफी हंगामा भी किया था। मेयर भी उनके खिलाफ पत्र लिख चुके हैं। इसी बीच विपुल लाला ने पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के करीबी मुनीश शर्मा के साथ मेयर की बर्खास्तगी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसके बाद रविवार को महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बृज क्षेत्र अध्यक्ष को पत्र लिखकर विपुल लाला को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासन की संस्तुति की है।
पार्षद विपुल लाला पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे और पार्टी के ही आदेशों की अवहेलना कर रहे थे। पिछले दिनों पार्टी के ही मेयर के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई। उनके निष्कासन की संस्तुति की गई है और यह लगभग तय है। - डॉ. केएम अरोरा, महानगर अध्यक्ष
मैं बागी हूं, दागी नहीं हूं। दागदार अपना दामन बचाएं, हमें दामन बचाने की जरूरत नहीं है। पार्टी सर्वोपरि है, जो निर्णय होगा वह मान्य होगा। जब हमें इसके खिलाफ जाना होगा तो हाईकोर्ट के दरवाजे हमेशा खुले हैं। - विपुल लाला, पार्षद