बरेली। भ्रष्टाचार और फिर मैनेजमेंट विवाद का दर्द झेल रहे बरेली कॉलेज में इस बार इंटर डिपार्टमेंट खेलकूद प्रतियोगिताएं नहीं होंगी। बुधवार को हुई क्रीड़ा समिति की बैठक में खेल कराने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया। सदस्यों ने कहा कि 25 फरवरी से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं हैं। बीस फरवरी तक प्रैक्टिकल कराने हैं, ऐसे में खेल करना संभव नहीं। दूसरा बजट का भी पेच फंसा। सदस्यों का कहना था कि बजट कौन पास करेगा।
पूरा साल बीत गया, लेकिन कॉलेज में इंटर डिपार्टमेंट खेलकूद प्रतियोगिताएं नहीं कराई गईं। बुधवार को क्रीड़ा समिति की बैठक बुलाई गई। इसमें सिर्फ प्रतियोगिताएं कराने का प्रस्ताव था। हालांकि माना जा रहा था कि 30 जनवरी को होने वाली बोर्ड की बैठक से पहले कुछ अन्य प्रस्ताव भी इसमें रखे जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्रीड़ा प्रभारी डॉ. अनुराग भटनागर ने बताया कि सिर्फ प्रतियोगिताएं कराने का प्रस्ताव था। 25 फरवरी से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं हो रही हैं। इतने कम समय में प्रतियोगिता कराना संभव नहीं। समिति सहमत नहीं हुई इसलिए प्रतियोगिताएं नहीं कराई जाएंगी।
रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी ने सौंपी रिपोर्ट, फैसला आज
बरेली। बरेली कॉलेज बोर्ड ऑफ कंट्रोल के 14 सदस्यों की वैधता को लेकर रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी ने अपनी रिपोर्ट क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी (आरएचईओ) को बुधवार को सौंप दी। रिपोर्ट पर आधार पर गुरुवार को फैसला लिया जाएगा कि 14 सदस्य अवैध माने जाएंगे या वैध। दरअसल, विश्वविद्यालय ने बरेली कॉलेज बोर्ड ऑफ कंट्रोल के 14 सदस्यों को अवैध घोषित कर दिया था, जिसके आधार पर मैनेजमेंट कमेटी का चुनाव भी अवैध हो गया था। शासन को रिपोर्ट भेज दी गई थी। वहीं प्रशासन ने रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी से सदस्यों वे वैधता को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को रजिस्ट्रार ने रिपोर्ट सौंप दी। आरएचईओ डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि रिपोर्ट मिल गई है। इसमें कुछ धाराओं का हवाला दिया गया। उनका अध्ययन करके ही कुछ बताया जा सकेगा। गुरुवार को स्पष्ट हो जाएगा।