फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लालफाटक ओवरब्रिज को लेकर दुश्वारी

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। लालफाटक ओवरब्रिज के लिए कैंट बोर्ड की जमीन को लीज पर लेने का मामला शासन और रक्षा मंत्रालय के बीच अटका होने से यह तय नहीं हो पा रहा है कि प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा। सिर्फ सेतु निगम के अधिकारी ही यह काम अगले साल दिसंबर तक पूरा होने का दावा कर रहे हैं। इस पुल की आधी-अधूरी मंजूरी और निर्माण कार्य में देरी पब्लिक के लिए फिलहाल परेशानी का सबब बनी हुई है।
विज्ञापन

लालफाटक पर रेलवे की दो क्रासिंग होने से यहां लंबा जाम लगता है। इसलिए यहां पर करीब 955 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। मगर आधी-अधूरी तैयारियों की बीच शुरू हुआ निर्माण कार्य दिक्कत पैदा कर रहा है। इस ओवरब्रिज के लिए कैंट एरिया से जमीन नहीं मिल पा रही है। जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कैंट की जमीन को 30 साल के लिए लीज पर लेने की तैयारी चल रही है। पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर राजवीर की तरफ से इसकी फाइल डीएम को करीब दो माह पहले ही भेजी जा चुकी है। जिला प्रशासन के जरिये शासन तक पहुंची यह फाइल लंबित पड़ी है, जिसका निस्तारण रक्षा मंत्रालय से होना है। इसके बावजूद सेतु निगम के अफसर यह मसला हल होने के बाद अगले साल दिसंबर तक काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। वहीं, बदायूं दिशा में इस पुल का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है।

कोशिश यही है कि इस पुल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा हो जाए, लेकिन कैंट बोर्ड की जमीन का मामला फंसा है। इसे पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को ही निस्तारित करना है। इसके बगैर पुल के निर्माण की समय सीमा तय कर पाना मुमकिन नहीं है। - उत्तम कुमार गहलौत, एमडी, सेतु निगम
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईलाइटर
प्रोजेक्ट लागत - 82.49 करोड़
पुल की लंबाई - 955 मीटर
कैंट की जमीन का अधिग्रहण - 6250.99 वर्गमीटर
कार्य प्रारंभ - नवंबर 2017
काम पूरा होेने की संभावना - दिसंबर 2020
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें