बरेली। वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन बहाली, श्रम नियम संशोधन, निजीकरण का विरोध समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकारी कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल मंगलवार से शुरू हुई। पहले दिन हड़ताल अपना प्रभाव नहीं डाल पायी। सभी प्रमुख कार्यालयों में कामकाज होता रहा।
दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने को मंगलवार सुबह से ही सभा और प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। आयकर कार्यालय परिसर में बड़ी सभा हुई। इस दौरान जोनल सचिव रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निजीकरण पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जबकि वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन व्यवस्था और विभिन्न समस्याओं पर सरकार गंभीर नहीं है। बैंक यूनियन के नेता संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि श्रमिक विरोधी रवैया अपनाया जा रहा है। बिजली चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में अभियंता और अन्य संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया। हालांकि आंदोलन से विद्युत जेई संगठन अलग रहा। अभियंता संघ सचिव रंजीत चौधरी ने विद्युत अधिनियम 2018 वापस लेने और पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। एसके गुप्ता, राकेश सिंह, अंबरीश श्रीवास्तव, अमित चौधरी, एके शुक्ला, एसपी मिश्रा, राजेश जौहरी, राजीव शांत, सुनील मिश्रा आदि ने विचार रखे। इधर, रेल डाक व्यवस्था के दोनों कर्मचारी संघ नेशनल यूनियन व आल इंडिया यूनियन ग्रुप सी व डी के कर्मचारियों ने प्लेटफार्म नंबर-एक पर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर विनीत चतुर्वेदी, संजय कुमार, राजकुमार, वेदप्रकाश शर्मा, यशोदा नंदन सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कुछ बैंक बंद रहे, कार्यालय सामान्य
यूको, देना, यूनियन, ओबीसी आदि बैंक बंद रहे, जबकि एसबीआई, बड़ौदा बैंक, पीएनबी समेत सभी प्रमुख बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज हुआ। ज्यादातर कार्यालयों में भी कार्य होता रहा। बिजली चीफ इंजीनियर लेखा कार्यालय कर्मी धरना प्रदर्शन में शामिल हो गए थे, लेकिन कार्यालय खुला रहा। विकास भवन, कलक्ट्रेट, सिंचाई, लोक निर्माण, खाद्य विभाग, नगर निगम, परिवहन आदि कार्यालयों में सामान्य स्थिति देखी गयी। बीएमएस और अन्य संगठनों ने हड़ताल से दूरी बनाई रखी। हालांकि सुबह सिविल लाइंस में कुछ निजी बैंकें खुली थीं लेकिन बाद में उन्हें प्रदर्शनकारियों ने बंद करा दिया।
श्रम कार्यालय पर ज्ञापन
विभिन्न श्रमिक संगठनों ने श्रम कार्यालय परिसर में सभा कर मांगें दोहराईं। इंटक नेता सतीश मेहता ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को सीधा लाभ दे रही है। उनकी पैरवी पर ही श्रम कानून में बदलाव हो रहा है। सड़क सुरक्षा अधिनियम वापस लेने, विदेशी निवेश रोकने, वेतन आयोग सिफारिशें लागू करने आदि मांगों का ज्ञापन उप आयुक्त श्रम को सौंपा गया। राजीव शांत, असरार अहमद आदि मौजूद रहे। बुधवार सुबह 11 बजे लोनिवि कार्यालय परिसर में बैठक होगी।