बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आगमन की चर्चा भर से प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आ गई। कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन समेत अन्य सरकारी दफ्तरों की रंगाई-पुताई शुरू हो गई। विकास भवन सभागार का फर्नीचर सेट किया जाने लगा। सभागार में राष्ट्रपति महात्मा गांधी, बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी की तस्वीरों से धूल साफ की गई।
शहर भर की मुख्य सड़कों पर बरसात के पहले से गड्ढे हैं। गाड़ियां इनमें हिचकोले खाती हुई चलती हैं। कहीं बजट न होने की आड़ तो कहीं टेंडर प्रक्रिया में टाइम लगने का बहाना बनाकर अफसर महीनों से काम लटकाए रहे। अभी मुख्यमंत्री शाहजहांपुर दौरे पर हैं। अचानक बरेली आकर विकास कार्योँ की समीक्षा न कर लें। किसी गांव का निरीक्षण न कर लें। गड़बड़ी मिलने पर खामियाजा न भुगतना पड़ जाए... शनिवार को अधिकारी इसी को लेकर माथापच्ची करते रहे। कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन में पूरे दिन यही चर्चा थी। विकास भवन में चैनल गेटों की रंगाई-पुताई कराई गई। ऊपरी मंजिल पर सांसद योजना कक्ष से लेकर अधिकांश दफ्तरों में फर्नीचर व्यवस्थित किया गया। अहिच्छत्र सभागार में कुर्सी ओर मेजों की साफ-सफाई हुई। स्क्रीन भी बदली गई। टॉयलेट भी साफ किए गए। वीवीआईपी कही जाने वाली सर्किट हाउस वाली रोड पहले से ही ठीक है। लेकिन मुख्यमंत्री सर्किट हाउस से कलक्ट्रेट जा सकते हैं, यह सोचकर एसएसपी दफ्तर के सामने वाली रोड रातोंरात चमका दी गई। सर्किट हाउस से विकास भवन आने की संभावनाओं के मद्देनजर विकास भवन वाली रोड के गड्ढे भी भरे गए। सीएम आगमन के समय ऐन वक्त पर प्रशासनिक मशीनरी जिस तरह हरकत में आई। उससे तो आम जनता भी यह कहने को मजबूर हो गई कि सीएम भले ही आएं या ना आएं, मगर महीने में कम से कम एक या दो बार उनके आने की चर्चा जरूर रहे। कम से कम इसी बहाने कुछ काम तो हो जाएंगे।