किसान की रकम वापस न करने पर डीएम की कार को नीलामी करने के आदेश के खिलाफ बुधवार को राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में अर्जी लगाई गई। मामला सिविल जज की कोर्ट में है।
फतेहगंज पश्चिमी के वीरेंद्र ने बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन लिया था। इस रकम की अदायगी न होने पर प्रशासन ने 2002 में उनकी जमीन नीलाम कर दी। नीलामी में फतेहगंज पश्चिमी के ही किसान धर्मेंद्र ने यह जमीन खरीदी, लेकिन रकम अदा करने के बाद भी प्रशासन ने जमीन धर्मेंद्र के नाम नहीं की। उधर, वीरेंद्र ने रकम जमा करके अपनी जमीन वापस ले ली। धर्मेंद्र को न जमीन ही मिली और न ही रकम। इस मामले में धर्मेंद्र ने दीवानी अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने डीएम की सरकारी इनोवा गाड़ी नीलाम कर धर्मेंद्र की रकम अदा करने का आदेश दिया। अब राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर डीएम की गाड़ी को नीलाम करने का आदेश निरस्त करने के लिए अर्जी दी गई। बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई। किसान धर्मेंद्र की ओर से इस अर्जी पर आपत्ति की गई। मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 24 दिसंबर तय की गई है।