एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का नियम है कि एक्स स्टूडेंट से कॉलेज रेग्युलर छात्रों की तरह साल या सेेमेस्टर की फीस नहीं वसूल सकता, लेकिन कॉलेज विश्वविद्यालय के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक्स स्टूडेंट से भी रेग्युलर छात्रों की तरह फीस वसूल रहे हैं। बुधवार को खुसरो कॉलेज का मामला सामने आया। एमएसी की एक्स स्टूडेंट निशा से परीक्षा फॉर्म जमा करने के नाम पर दस हजार रुपये मांग लिए गए। छात्रा ने जब पैसे देने सेे इंकार कर दिया तो उसका फॉर्म ही जमा करने से मना कर दिया। छात्रा ने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की है।
छात्रा का आरोप है कि एमएससी द्वितीय में वह पास नहीं हो सकी। इस साल एक्स स्टूडेंट के रूप में परीक्षा फॉर्म भरा। चूंकि फॉर्म कॉलेज से अग्रसारित होता है तो वह कॉलेज गई। वहां उससे पूरे साल की फीस मांगी गई। फीस न देने पर उसका फॉर्म ही नहीं जमा किया। हैरानी तो तब हुई जब विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के एक कर्मचारी ने कॉलेज में फोन किया तो उससे भी फीस जमा करने की बात कही। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने कहा कि एक्स स्टूडेंट से पूरे साल की फीस नहीं ली जा सकती। इस संबंध में कॉलेज से बात की जाएगी। छात्रा का फॉर्म जमा कराया जाएगा। वहीं कॉलेज संचालक शेर अली जाफरी का कहना है कि उनको इस मामले की जानकारी नहीं है।
जानकारी के अभाव में छात्रों से वसूली जाती फीस
तमाम छात्रों को इस बात की जानकारी नहीं कि एक्स स्टूडेंट होने पर उसको रेग्युलर छात्रों की तरह फीस नहीं देनी होती है। कॉलेज इसका पूरा फायदा उठाते हैं। छात्रों से पूरी फीस वसूलते हैं। छात्रों से फॉर्म का अग्रसारण शुल्क कॉलेज ले सकते हैं। इसके अलावा कोई फीस नहीं ले सकते।