टैक्स की दरों में कमी होने के बाद पिछले साल के मुकाबले अधिक राजस्व प्राप्ति के लिए नगर निगम के टैक्स अनुभाग ने अभी से कवायद शुरू कर दी है। चारों जोन में ऐसे करदाताओं की सूची तैयार कराई गई है, जिन पर 20 लाख या उससे अधिक का टैक्स बकाया है। इसके साथ ही टैक्स अनुभाग की टीमों ने इन लोगों के यहां जाकर तगादा करना शुरू कर दिया है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में नगर निगम का टैक्स वसूली लक्ष्य 44 करोड़ रुपये था। मगर बढ़ी दरों के चलते यह राशि वसूलने में नगर निगम नाकाम रहा था। इस बार टैक्स की दरें कम कर दी गई हैं, लेकिन वसूली का लक्ष्य 50 करोड़ से अधिक रखा गया है। इसके चलते अभी से वसूली की कवायद शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को नगर निगम में हर जोन के 20 लाख और उससे अधिक के टैक्स बकायादारों की सूची तैयार कराई गई। इसमें शहर के दो सौ से अधिक करदाताओं के नाम सामने आए हैं। इन पर करीब 150 करोड़ का टैक्स बकाया है। कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना, विपिन कुलदीप समेत सभी कर अधीक्षकों की टीम इस राशि की वसूली में जुट गई है।
कई जगह पहुंची टीम लौटी खाली हाथ
बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम टैक्स के बिल लेकर कई जगह पहुंची। बिल रिसीव कराने के साथ ही टैक्स जमा कराने की कोशिश की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना ने बताया कि इसके बाद नोटिस और भवन सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
आज से सभी जोन में लगेंगे कैंप
टैक्स जमा करने एवं उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शुक्रवार से सभी जोन के दो वार्ड में कैंप लगाए जाएंगे। इनमें कर निर्धारण, टैक्स जमा और बिलो में संशोधन किया जाएगा।
टैक्स वसूली को लेकर टीमों को लगा दिया गया है। जिन करदाताओं पर 20 हजार से अधिक टैक्स बाकी है, उनके यहां टीम भेजी जा रही है। इसके बाद भी टैक्स न जमा करने पर नोटिस दिया जाएगा और भवन सील किए जाएंगे। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त