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‘आपसी गुटबंदी खत्म कर लोगों को कांग्रेस से जोड़ें’

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बरेली। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, उत्तराखंड के पूर्व महासचिव हरीश रावत ने कहा कि बसपा के गठबंधन में शामिल न होने से चुनाव और राजनीतिक गतिविधियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बसपा ने जो शर्तें रखीं थीं, वे अव्यवहारिक थीं, लिहाजा चुनावी तालमेल नहीं हो पाया। उन्होेंने कहा कि कांग्रेस अब लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
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पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि महागठबंधन में ज्यादातर दलों ने अपनी सहमति दे दी है। बसपा ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में ज्यादा सीटें मांगी थीं। कांग्रेस बसपा को सम्मानजनक सीटें दे रही थी, लेकिन पार्टी मुखिया मायावती इस पर राजी नहीं थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा से लड़ने की ताकत सिर्फ कांग्रेस में है। इससे पहले रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कहा, गुटबंदी और आपसी मतभेद छोड़कर लोगों को कांग्रेस से जोड़ना शुरू करें। हर कार्यकर्ता हर दिन एक व्यक्ति को जोड़े। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वे घरों से निकलें और चुनावी माहौल बनाने का कार्य करें।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि नियोजित तरीके से देश में विदेशी दखलअंदाजी बढ़ाई जा रही है। संचार, पेट्रोलियम, मीडिया, बैंक, बीमा, फिल्म आदि में विदेशी निवेश कराया जा रहा है। यह देश को फिर से गुलामी की ओर ले जाने का संकेत है। ऐरन ने कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता का आह्वान किया कि धर्म और जाति के विवाद से दूर रहकर कांग्रेस को मजबूत करें। इस मौके पर पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, सुरेंद्र पांडे, दिनेश गुप्ता, इकबाल सिंह वाले, अनुज अग्रवाल, सतीश मेहता आदि ने भी विचार रखे। रावत इससे पहले सर्किट हाउस पहुंचे, वहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामदेव पांडे, शहर अध्यक्ष चौधरी असलम मियां ने उनका स्वागत किया। नवाब मुजाहिद हसन के निवास पर अजय शुक्ला, प्रेम प्रकाश अग्रवाल आदि ने स्वागत किया।
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