बरेली। पीलीभीत बाईपास रोड पर एनएचएआई की बिना अनुमति भूमिगत ऑप्टीकल फाइबर केबल बिछाने के लिए गड्ढे खोदने के मामले में भी विंध्याटेल लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एडीएम (सिटी) ओपी वर्मा ने एनएचएआई इंजीनियरों को बारादरी थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई के इंजीनियर बारादरी थाने तहरीर लेकर भी गए, लेकिन देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी।
विंध्याटेल लिमिटेड ने एनएचएआई की रोड पीलीभीत बाईपास पर बिना एनओसी लिए केबल नेटवर्क बिछाने के लिए खोद दी। गड्ढे में बैठकर काम करते वक्त मिट्टी की डांग ढह जाने से छह मजदूरों की मौत हो गई थी। इस मामले में रुहेलखंड चौकी इंचार्ज की ओर से कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। एडीएम (सिटी) ओपी वर्मा ने एनएचएआई प्रोजेक्ट मैनेजर मुकेश शर्मा से कहा है कि जब विंध्याटेल लिमिटेड ने बिना एनओसी लिए गड्ढे खोद डाले तो वह कंपनी के खिलाफ अपनी ओर से एफआईआर क्यों नहीं दर्ज करा रहे हैं। एडीएम के निर्देश के बाद एनएचएआई इंजीनियर तहरीर लेकर बारादरी थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि कंपनी के खिलाफ एक एफआईआर पहले से दर्ज है, अब दूसरी एफआईआर किन धाराओं में दर्ज करें। एडीएम ने बारादरी इंस्पेक्टर से फोन पर बात की तो एनएचएआई इंजीनियरों को फिर तहरीर लेकर आने को कहा गया। देर रात तक एनएचएआई इंजीनियर दोबारा तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। एडीएम (सिटी) ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को भी बीसलपुर रोड पर बिना एनओसी लिए गड्ढे खोदने की कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है।
पीडब्ल्यूडी अब भी सो रहा
विंध्याटेल कंपनी ने बगैर एनओसी एनएचएआई की ही रोड नहीं, बल्कि पीडब्ल्यूडी की बीसलपुर-भुता रोड को भी 26 किमी खोद डाला था। इस मामले में एनएचएआई ने हफ्तेभर बाद एडीएम के कहने पर कार्रवाई की सुध ली है, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अब भी सोए हुए हैं। उन्होंने अपनी तरफ से कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
पीलीभीत बाईपास रोड को बगैर एनओसी लिए खोद डालने के मामले में बारादरी थाने में तहरीर दी गई थी लेकिन पुलिस ने तहरीर में गड़बड़ी बताकर रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया। - महेश शर्मा, पीडी, एनएचएआई
एचएचएआई के अधिकारियों से मेरी फोन पर बात हुई थी। इसके बाद वे तहरीर लेकर थाने आए लेकिन तहरीर स्पष्ट नहीं थी। लिहाजा वे दोबारा तहरीर देने की बात कहकर चले गए और फिर वापस नहीं आए। - सतीश कुमार, इंस्पेक्टर बारादरी