तालाबंदी के नौ दिन बाद खुले बरेली कॉलेज की शुुरुआत हंगामे से हुई। समाजवादी छात्रसभा (सछास) के छात्रनेताओं ने एलएलबी की मेरिट में आरक्षण सही से लागू न करने का विरोध करते हुए हंगामा किया। प्राचार्य का घेराव कर पहले ओपन और फिर आरक्षित सीटों पर प्रवेश लेने की मांग की। चेतावनी दी कि इस मेरिट सूची से प्रवेश नहीं होने दिए जाएंगे। प्राचार्य का कहना था मेरिट आरक्षण के नियमानुसार ही बनाई गई है, जिसेे बदलने का कोई औचित्य ही नहीं।
बरेली कॉलेज ने तालाबंदी खुलते ही मंगलवार को एलएलबी और एमए अंग्रेजी की मेरिट सूची जारी की। इनके प्रवेश बुधवार और गुरुवार को होंगे। सछास छात्रनेताओं का विरोध है कि इसमें आरक्षण का सही से पालन नहीं किया गया है। छात्रनेता अनूप यादव के नेतृत्व में कई छात्र प्राचार्य का घेराव करने पहुंचे। उनका कहना था कि पहले ओपन से पचास फीसदी सीटें भरी जाएं, उसके बाद आरक्षित सीटों पर प्रवेश हों। एक साथ ओपन मेरिट होने से आरक्षित वर्ग के छात्रों को नुकसान होगा।
सछास के ह्रदेश यादव ने कहा कि अगर मेरिट नहीं बदली तो एडमिशन नहीं होने दिए जाएंगे। प्राचार्य का कहना था कि बाकी विषयों की तरह ही एलएलबी की मेरिट जारी की है। जब कुछ गलत नहीं तो मेरिट क्यों बदलें। इस पर काफी देर तक नोकझोंक भी होती रही। इस दौरान करन सिंह, मुकेश यादव, मधुकर यादव, जावेद, विक्रांत सिंह आदि मौजूद रहे।