‘शांति के वृक्ष पर लगता है सुख का फल’
दशहरा मेला ग्राउंड में सुधांशु महाराज का सत्संग
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। सुख का फल शांति के वृक्ष पर लगता है। जब मन में शांति होती है तो घर, परिवार, व्यापार, व्यवहार सब कुछ बढ़िया चलता है। शांत चित्त से लिया गया निर्णय मील का पत्थर साबित होता है। यह विचार सुधांशु महाराज ने सत्संग के दौरान प्रकट किए।
दशहरा मेला ग्राउंड में चल रहे सत्संग में महाराज ने कहा कि जीवन में जितना दिखावा और भौतिकता बढ़ेगी, उतना ही जीवन अव्यवस्थित और कलहपूर्ण होगा। सुख और दुख हमारे मन की अनुभूति हैं। हम जैसा महसूस करते हैं, बाहर हमें वैसा ही दिखाई देता है। इसलिए हमेशा निष्काम होकर जीयो, निस्वार्थ होकर रहो। परम पिता को मत भूलो। उनका स्मरण करो और आभार जताओ कि हमें मानव शरीर दिया। सत्संग से पहले घनश्याम खंडेलवाल, मनोरमा देवी सक्सेना, देवेंद्र खंडेलवाल, पवन अरोड़ा, संदीप अग्रवाल, चमन लाल, अनिल श्रीवास्तव, कुंदनलाल ढींगरा, रविंद्र सिंह राठौर, सुशील अग्रवाल विपिन सक्सेना आदि ने महाराज का स्वागत कर माल्यार्पण किया।
इससे पहले सुबह के सत्र में हुए प्रवचन में सुधांशु महाराज ने कहा कि आनंद और शांति हमारे मन के ही अंदर है। हम जिस आनंद व शांति की खोज बाहर कर रहे हैं, वह हमारे अंदर विद्यमान है। यदि हम अंदर से शांत और प्रसन्न होंगे तो बाहर भी शांति और प्रसन्नता होगी। इससे पहले व्यासपीठ का पूजन और महाराज जी का माल्यार्पण यजमान महेंद्र गंगवार एवं उनके परिवार ने किया।
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योग गुरु अर्चिका दीदी ने कराया ध्यान-योग
बरेली। विश्व जागृति मिशन की ओर से चल रहे भक्ति सत्संग के तहत शुक्रवार को दूसरे दिन प्रात:कालीन सत्र में योग गुरु अर्चिका दीदी ने साधकों को योग कराया। योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा हमें अपने मन में सदैव सकारात्मक विचार रखने चाहिए। किसी के बारे में गलत नहीं सोचना। ऐसा करने से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। जीवन का प्रत्येक क्षण आनंद और शांति से बिताना चाहिए।