विश्व निमोनिया दिवस आज : शहरी क्षेत्र को 18,793 बच्चाें के टीकाकरण का मिला लक्ष्य, 15,129 को ही टीका लगा
बरेली। ठंड की दस्तक के साथ ही सरकारी व निजी अस्पतालों में निमोनिया के लक्षण वाले बच्चे पहुंचने लगे हैं। हालत गंभीर होने पर इनमें से कई को भर्ती भी करना पड़ रहा है।
जिले में 18,793 बच्चाें को पीसीवी (न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन) का टीका लगाने का लक्ष्य है। अब तक 15,129 का ही टीकाकरण हुआ है। माना जा रहा है कि टीकाकरण से छूटे इन 3,664 यानी 20 प्रतिशत बच्चों में से ही ज्यादातर निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक खराश, खांसी, बुखार, कफ जमना, दस्त, भूख कम लगना, थकान महसूस होना, नाखूनों या होठों का नीला पड़ना, सीने में घरघराहट महसूस होना, सांस लेने में दिक्कत आदि इसके लक्षण हैं। यह दिखने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के अनुसार निमोनिया से बचाव में पीसीवी टीका कारगर है। पहला टीका जन्म से डेढ़ माह पर पोलियो खुराक, पेंटा और आईपीवी के साथ, दूसरा, साढ़े तीन माह पर ओपीवी, पेंटावेलेंट, एफ आईपीवी, रोटा के साथ और नौ माह पर खसरे के टीके के साथ बूस्टर डोज लगता है। ये सभी टीके सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क लगते हैं। संवाद
बच्चा वार्ड में मरीज बढ़े
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में मंगलवार को बुखार की चपेट में आए चार बच्चे भर्ती रहे। दो बच्चों में निमोनिया संदिग्ध लक्षण होने पर उन्हें भर्ती किया गया। मीरगंज और जगतपुर से इलाज के लिए पहुंचे अभिभावकों के मुताबिक बच्चे को सप्ताह भर से हल्का बुखार हो रहा था। दो दिन से दूध नहीं पी रहा था। दस्त भी होने लगे थे। इलाज को पहुंचे तो निमोनिया बताकर भर्ती किया गया।
बरतें ये सावधानियां
- बच्चे को एंटीबायोटिक या अन्य कोई दवा डॉक्टर की सलाह पर दें।
- निमोनिया होने पर बच्चे को अपने आप खांसी की दवा न दें।
- बच्चे को पर्याप्त आराम करने दें। शरीर में पानी की कमी न हो।
- बच्चों के खानपान का ध्यान दें। सुबह-शाम घर से न निकले।
- बच्चों के सामने खांसते या छींकते समय मुंह, नाक को ढंकें।
- घर में धूम्रपान न करें। बच्चों को ऐसी जगह पर जाने भी न दें।