बरेली। जिले की 199 ग्राम पंचायतों में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल पुस्तकालय तैयार किए गए हैं। कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं के अभाव में ये पुस्तकालय अभी अधूरे हैं। ग्रामीण युवा इनका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
इन पुस्तकालयों में विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें और फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे गांव में ही अध्ययन का बेहतर माहौल मिलने लगा है। जिला पंचायत राज विभाग ने इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और ऑनलाइन अध्ययन के लिए बनाया था। इनका उद्देश्य शैक्षिक सामग्री तक आसान पहुंच प्रदान करना था। हालांकि, कंप्यूटर सिस्टम नहीं लगने के कारण योजना का सबसे अहम हिस्सा फिलहाल शुरू नहीं हो सका है। इंटरनेट के माध्यम से जानकारी हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को अभी भी गांव से बाहर जाना पड़ रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर ने बताया कि डिजिटल पुस्तकालयों में कंप्यूटर सिस्टम और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए तमाम पुस्तकें रखी गई हैं। इसके चलते पुस्तकालयों में आने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।