बरेली। नालों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. सख्ती दिखा रहे हैं। शुक्रवार को माधोबाड़ी में उन्होंने खुद खड़े होकर नाले पर अतिक्रमण करके बनाई गई करीब दो दर्जन दुकानों पर लाल निशान लगवाए। वहीं, डेयरियों पर कार्रवाई को नगर निगम की टीम बानखाना में गई और पुलिस फोर्स न होने का बहाना बनाकर लौट आई।
शुक्रवार सुबह नगर आयुक्त गंगापुर और माधोबाड़ी टीम में निरीक्षण को पहुंचे। वहां पर तमाम दुकानें नाले पर अतिक्रमण कर बनी मिली। इससे नाला सफाई का कार्य नहीं हो पा रहा था। नगर आयुक्त के निर्देश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी ललतेश सक्सेना ने दो दर्जन से अधिक दुकानों पर लाल निशान लगाए। इन दुकानों का दो फुट से लेकर पांच-छह फुट का हिस्सा नाले को कवर कर रहा है। साथ ही कुछ दुकानें पूरी तरह से नाले पर ही बनी मिलीं। ललतेश सक्सेना ने बताया माधोबाड़ी में नाले पर चिह्नित अतिक्रमण सोमवार को हटाया जाएगा। व्यापारियों को खुद ही कब्जे हटाने की चेतावनी दे दी गई है। अभियान में कोई बाधा न हो इसके लिए एसएसपी को पत्र लिखकर फोर्स भी मांगा गया है।
फोर्स का बहाना, डेयरी संचालकों को था बचाना
बरेली। एक अन्य टीम मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक साबिर अली के साथ बानखाना क्षेत्र में डेयरी पर कार्रवाई को पहुंची। वहां डेयरी संचालक सड़क पर ही जानवरों को बांधकर उनका गोबर नाली में बहाते मिले। निगम टीम ने डेयरी संचालकों को कार्रवाई की चेतावनी दी तो वे विरोध करने लगे। इस पर निगम टीम फोर्स लेकर आने की बात कहकर लौट गई। बता दें कि बानखाना के इस क्षेत्र में सौ से अधिक डेयरियां संचालित हैं और यह गोबर नालियों में बहाते हैं। इसके चलते न सिर्फ सड़कों पर गंदगी है, नाले-नालियां भी चोक हो गए हैं। मगर निगम टीम हर बार कार्रवाई के नाम पर यहां से रस्म अदायगी कर लौट जाती है।