बरेली। वीवीआईपी दौरों में आम लोगों का दिक्कतें झेलना साधारण बात है। कहीं जाम लगता है तो कभी कोई रास्ता बंद कर दिया जाता है, वीआईपी कल्चर खत्म करने का दावा करने वाली भाजपा सरकार में भी ये घटनाएं अक्सर होती हैं और आदतन लोग इस पर कोई प्रतिरोध भी नहीं करते, लेकिन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देवचरा में चुनावी जनसभा के दौरान ऐसी ही समस्या से दो-चार हुए लाल फाटक रोड पर टोल ठेकेदार ने सवाल खड़े करते हुए मुआवजा मांगा है। ठेकेदार का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से दो दिन तक लाल फाटक रोड पर यातायात बंद रखा गया, इस वजह से उसे अच्छा-खासा नुकसान हुआ है। कैंट बोर्ड ठेकेदार की चिट्ठी पर अपनी बैठक में निर्णय लेने की बात कह रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अप्रैल को देवचरा के आर्मी कैंपिंग ग्राउंड में चुनावी जनसभा की थी, जिसके बाद लाल फाटक रोड होते हुए उन्हें कार से त्रिशूल एयरबेस ले जाया गया था। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए 19 अप्रैल को ही लाल फाटक रोड पर सुरक्षा एजेंसियों ने रिहर्सल शुरू कर दिया था। इसके बाद 20 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री आए तब भी इस रोड पर यातायात बंद कर दिया गया था। इस वजह से टोल पर दोनों दिन कोई खास आय नहीं हो पाई। ठेकेदार का कहना है कि दोनों दिन मिलाकर उसकी करीब 50 हजार रुपये तक की वसूली प्रभावित हुई। ठेकेदार ने कैंट बोर्ड को दिए पत्र में ठेके की अवधि को समायोजित कर प्रभावित हुई टोल वसूली के मुआवजे की मांग की है। कैंट बोर्ड के रेवेन्यू इंस्पेक्टर विकास ने बताया कि ठेकेदार के पत्र को बोर्ड में रखा जाएगा। कैंट एक्ट नियमों के तहत विचार के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
बोर्ड की बैठक आज, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
कैंटोनमेंट बोर्ड की सामान्य बोर्ड बैठक मंगलवार को होगी जिसमें करीब 10 प्रस्तावों पर बोर्ड सदस्य चर्चा के बाद निर्णय लेंगे। इसमें कैंट स्थित स्कूलों में सेना के 40 प्रतिशत कोटा से कैंट बोर्ड के लिए 5 प्रतिशत कोटा के आरक्षण किए जाने, मिलिट्री कंजर्वेंस, लाल फाटक टोल पर प्रतिदिन वसूली की जाने वाली धनराशि, वार्ड एवं वॉच सर्विसेज समेत अन्य अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।