बरेली। भ्रष्टाचार के मामले में फंसा बरेली कॉलेज चुनाव आयोग की शिकायत को भी गंभीरता से नहीं ले रहा है। आचार संहिता के दौरान शिक्षकों की ज्वाइनिंग के मामले में आयोग में शिकायत होने के मामले में कॉलेज प्रशासन ने अब तक कुलपति को जवाब नहीं भेजा है।
पिछले दिनों बरेली कॉलेज में संविदा पर तैनात 10 शिक्षक स्थायी हुए। काफी उठापटक के बाद उनको ज्वाइन कराया गया। इसके बाद पांच शिक्षक कमीशन से चयनित होकर आए तो पिछले दिनों उन्हें भी ज्वाइन करा दिया गया। मगर, यह ज्वाइनिंग आचार संहिता के दौरान कराई गई थी। किसी व्यक्ति ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत कर दी। चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को जांच कराने के निर्देश दिए तो उन्होंने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला जांच सौंपी। कुलपति ने मामले में बरेली कॉलेज का पक्ष जानने के लिए पत्र भेजा लेकिन कॉलेज प्रशासन इसको दबाकर बैठ गया है। करीब सप्ताह भर बीतने के बावजूद विश्वविद्यालय को जवाब नहीं भेजा गया है।
आचार संहिता के दौरान शिक्षकों की ज्वाइनिंग को लेकर बरेली कॉलेज को पत्र लिखा गया था, मगर अब तक जवाब नहीं आया है। जवाब आने पर आयोग को अवगत कराया जाएगा। - प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय