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बेकायदा ट्रेनिंग पर बीएसए गंभीर, जांच बैठाई

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बरेली। शिक्षा की गणवत्ता में सुधार को क्यारा ब्लाक में चल रही ट्रेनिंग पर सवाल उठने के बाद बीएसए तनुजा त्रिपाठी गंभीर हैं। ट्रेनिंग के दौरान अनुशासन न बनाकर बेकायदा ट्रेनिंग कराने के मामले पर बीएसए ने जांच बिठा दी है। जांच रिपोर्ट में शिक्षक-शिक्षिकाओं के ट्रेनिंग के दौरान किए गए क्रिया कलापों की फोटो और वीडियो की जांच कराई जाएगी। उसमें दोषी मिलने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं पर कार्रवाई होगी। उधर, शिक्षकों ने ट्रेनिंग के दौरान होने वाले क्रिया कलापों को ट्रेनिंग के ग्रुप डिस्कशन का हिस्सा बताया और कहा कि वह कुछ भी गलत नहीं कर रहे थे।
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वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले 52 लाख रुपए खर्च करके क्यारा ब्लाक में शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। ब्लाक संसाधन केंद्र पर चली रही ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनर जहां शिक्षा में सुधार के तरीके बता रहे थे, वहीं शिक्षक और शिक्षिकाएं दूर-दूर बैठे नजर आने पर कई तरह की बातें उठी थीं। उस दौरान एक शिक्षक द्वारा लेटकर अपने साथी शिक्षक से बात करने के मामले को बीएसए ने गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान अनुशासन का पालन न करने वाले शिक्षक- शिक्षिकाओं पर कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को कर रहे थे ‘ग्रुप डिस्कशन’
उधर, ट्रेनिंग करने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं ने कहा कि वह ट्रेनिंग के दौरान अलग-अलग बैठने का गलत मतलब निकाला गया। पुरुष और महिला शिक्षिकों का संयुक्त प्रशिक्षण था। इसलिए वह ट्रेनिंग के दौरान अपने सहपाठी शिक्षकों के साथ ग्रुप डिस्कशन कर रहे थे। इसमें न तो कई अनुशासनहीनता थी, न ही कोई और मतलब। जो भी सिखाया जा रहा था, उसको सब शिक्षकों ने गौर से सीखा। ट्रेनिंग के दौरान इसी तरह से ग्रुप डिस्कशन कराया जाता है, ताकि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।
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