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बड़े साहब के दबाव में एक मामला दबाया तो शोहदों ने एक और छात्रा को सताया

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बरेली। बड़े साहब के दबाव में रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुछ रोज पहले एमएससी की छात्रा के साथ हुई छेड़खानी की घटना को निपटाकर विश्वविद्यालय के अधिकारी और पुलिस दम भी नहीं ले पाए थे कि छेड़खानी का एक और मामला सामने आ गया। इस बार छेड़खानी की इंजीनियरिंग विभाग की एक छात्रा शिकार बनी। शनिवार को फ्रेशर पार्टी में उसने एक सहपाठी के गलत नियत से छूने का विरोध किया तो वह गालीगलौज करने पर उतर आया। उस रोज तो दूसरे विद्यार्थियों ने बीचबचाव करा दिया। लेकिन सोमवार को छात्र ने फिर छात्रा पर तंज कसा तो दोनों में सरेआम मारपीट हो गई। छात्रा ने छात्र को थप्पड़ मारे तो छात्र ने भी उसके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड एक बार फिर मामले को दबाने में जुट गया। घटना पर कार्रवाई तो दूर, उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं हुई।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग की एक ब्रांच में शनिवार फ्रेशर पार्टी थी। इसी पार्टी के दौरान एक छात्रा के साथ छेड़खानी की गई। बात असहनीय टिप्पणियों से शुरू हुई और फिर छात्रा के विरोध करते-करते छात्र ने छात्रा को गलत नियत से छूना शुरू कर दिया। छात्रा ने इसका विरोध किया तो दोनों में झगड़ा होने लगा। बताया जाता है कि अपनी तरफ बार-बार आ रहे छात्र को छात्रा ने धक्का मारकर पीछे हटा दिया। इससे पहले कि बात और आगे बढ़ती, दूसरे विद्यार्थियों ने मामला रफादफा करा दिया।
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सूत्रों की माने तो सोमवार को छात्रा विश्वविद्यालय में ही गर्ल्स कॉमन रूम के पास खड़ी थी। उसी वक्त उससे फ्रेशर पार्टी में छेड़खानी करने वाला छात्र भी वहां आ गया। छात्र ने उस पर शनिवार की घटना का जिक्र करते हुए तंज कसा तो दोनों में नोकझोंक शुरू हो गई। बात बढ़ते-बढ़ते इस नौबत तक पहुंची कि दोनों मारपीट शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छात्र जब हद पार करने लगा तो छात्रा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद छात्र ने भी जवाब में उसे थप्पड़ मारा। कुछ देर मारपीट के बाद अन्य छात्रों ने बीचबचाव करा दिया जिसके बाद आरोपी छात्र वहां से चला गया। कुछ ही दिन पहले ही विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी के बेटे ने एमएससी की छात्रा के साथ छेड़छाड़ की थी। एक सुरक्षा गार्ड ने भी छात्रा को अपशब्द कहे थे। विश्वविद्यालय के ही एक बड़े साहब के हस्तक्षेप के बाद इस मामले को दबा दिया गया। पुलिस ने दबाव में सिर्फ मारपीट की एनसीआर दर्ज की। छेड़खानी के तमाम मामले विश्वविद्यालय में इससे पहले भी दबाए जा चुके हैं।
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प्रॉक्टर बोले- छात्रा ने आरोप तो लगाया था
छात्रा से छेड़छाड़ का मामला प्रॉक्टोरियल बोर्ड दबाता नजर आया। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती का कहना है कि कुछ दिन पहले कुछ छात्र हॉस्टल के पास जमा हुए थे। फ्रेशर पार्टी के लिए पैसे जमा करने का कोई विवाद था। बाद में उनको वहां से हटा दिया गया था। इंजीनियरिंग विभाग के प्रॉक्टर डॉ. यतेंद्र सिंह का कहना है कि शनिवार को एक छात्र और एक छात्रा के बीच विवाद हो गया था। छात्रा का आरोप था कि छात्र ने उसे गलत नियत से छुआ। इसलिए उसने उसे धक्का दिया। हालांकि उन्होंने सोमवार को हुई मारपीट की घटना से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि फ्रेशर पार्टी के लिए छात्रों ने पैसे जमा किए थे। उसी के खर्चे को लेकर विवाद हुआ। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पैसे के खर्चे को लेकर छात्रों में भी मारपीट हुई। कोई विभागीय कार्रवाई न हो इसलिए किसी ने शिकायत नहीं की।
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