बरेली। जिला अस्पताल में मरीज के ऑपरेशन के बाद मशीन के किराये के बहाने एक हजार रुपये लेने के मामले में गठित जांच कमेटी ने डॉ. शिव दत्ता के बयान दर्ज किए। चर्चा है कि डॉक्टर ने इलाज के बदले रुपये लेने के आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि मरीज को जानकारी देने के बाद ही मशीन मंगवाई गई थी।
वहीं, सामने आने वाली नई शिकायतें लिखित न मिलने की आड़ में जिला अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल जांच से किनारा कर रखा है। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने जांच कमेटी को तय समय में जांच पूरी करने के लिए कहा है। डॉ. शिव दत्ता का मामला उछलने के दूसरे दिन इलाज के बदले रुपये मांगने के दो और मामले सामने आए। इनमें करीब दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने की बात कही गई है। सामाजिक संगठनों ने भी एडीएम प्रशासन से मिलकर मरीजों से होने वाली वसूली के बाबत शिकायत दर्ज कराई है।
यह है पूरा मामला :
तीमारदार राहुल मिश्रा ने 80 वर्षीय दादी जगवती निवासी अभयपुरा उर्फ जोखनपुर को कूल्हे की हड्डी का फ्रैक्चर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार को उनका ऑपरेशन डॉ. शिव दत्ता ने किया था। रॉड डालने के लिए बाहर से मंगाई गई। बाद में ऑपरेशन थिएटर में बुलाकर नर्स को एक हजार रुपये देने के लिए कहा गया। इसकी तहरीर कोतवाली पुलिस और सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता को देने के बाद जांच शुरू हुई थी।