बरेली। एक परिवार के विरोध के चलते कर्मचारीनगर में नर्सरी रोड पर करीब 150 मीटर नाला डेढ़ साल में नहीं बन सका। बृहस्पतिवार को जब नगर निगम की टीम पहुंची तो फिर हंगामा शुरू हो गया। नाले की जमीन अपनी बताकर महिलाएं जेसीबी के आगे बैठ गईं। इस पर टीम ने पुलिस बुला ली। काफी समझाने के बाद दोपहर बाद काम शुरू हो सका।
कर्मचारीनगर में नर्सरी रोड पर करीब 150 मीटर नाले का निर्माण करके उसे हार्टमन नाले से जोड़ा जाना है। मगर हिंदुस्तान नर्सरी करीब डेढ़ साल से इसमें बाधा बनी है। जब भी निगम टीम पहुंचती है तो नर्सरी के लोग विरोध करके लौटा देते हैं। जहां से नाला निकाला जाना है, नर्सरी मालिक उस जमीन को अपनी बताता है। बृहस्पतिवार सुबह पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान की अगुवाई में निगम टीम नाला खोदने पहुंची तो नर्सरी मालिक एवं उसके परिवार ने हंगामा शुरू कर दिया। पार्षद के पति अशोक गंगवार ने समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। महिलाएं जेसीबी के आघे बैठ गईं तो पुलिस बुला ली गई। नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी ललतेश सक्सेना को भी टीम के साथ मौके पर भेज दिया। प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह और सब इंस्पेक्टर पवन ने नर्सरी मालिक को समझाया तब महिलाएं जेसीबी के सामने से हटीं। दोपहर बाद नर्सरी के आसपास नाले की खुदाई का काम पूरा किया गया। नर्सरी के सामने पौधे रखे होने के चलते शुक्रवार को खुदाई होगी। इस दौरान नर्सरी मालिक के वकील की भी पर्यावरण अभियंता से तीखी नोकझोंक हुई।