तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा के बैनर तले शुक्र वार को प्रयागराज में कुंभ महापर्व में शामिल होने के लिए अलखनाथ मंदिर के साधु संत रवाना हो गए हैं। सुबह करीब दस बजे बैंडबाजों पर बजते भजनों के साथ साधुओं का जत्था रवाना हुआ। कुंभ रवाना होने से पहले पिछले दिनों अलखनाथ मंदिर के महंत कालू गिरि की ओर से प्रशासन को मंदिर की सुरक्षा के लिए ज्ञापन सौंपा गया था। दरअसल, अलखनाथ मंदिर साधुओं के आपसी विवाद के चलते काफी समय से चर्चाओं में है। महंत धर्मगिरि और उनके शिष्य की हत्या हो चुकी है। इसके बाद से गद्दी पर स्वामित्व को लेकर उठा-पटक चल रही है।
अलखनाथ मंदिर के महंत कालू गिरि ने बताया कि अखाड़ा की ओर से बरेली और उत्तराखंड के सभी श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रयागराज स्थित दारागंज दरोगा जी के शिवालय में रहने और भंडारे की समुचित व्यवस्था है। यह व्यवस्था 22 दिसंबर से 15 फरवरी तक रहेगी। कहा कि कुंभ के दर्शन में खर्च के डर से न जा रहे लोगों को यह मौका दिया गया है। ताकि कुंभ के पुण्य स्नान का प्रत्येक लोग लाभ ले सकें। बताया कि कुुंभ के बाद काशी में ब्रह्मलीन बालक गिरि महाराज का भारतवर्ष के सभी साधुओं का भंडारा होगा। महंत लक्ष्मण भारती (पंच अखाड़ा), आजाद पुरी, गणेश पुरी, लक्ष्मी गिरि, भानु गिरि, पवन गिरि, लाल गिरि, धनराज गिरि, धनुष गिरि, गोलू गिरि समेत करीब सौ से अधिक लोग महंत कालू गिरि के नेतृत्व में कुंभ में शामिल होने रवाना हुए हैं।
साधुओं की सुरक्षा को नहीं पहुंची पुलिस
कुंभ प्रस्थान के बाद शेष साधुओं की सुरक्षा के लिए करीब 15 दिन पहले एसएसपी से दो सिपाहियों की मंदिर परिसर में तैनाती की मांग की गई थी, इस पर एसएसपी मुनिराज जी. ने संबंधित थाने से दो सिपाहियों की तैनाती का आश्वासन दिया था, लेकिन शुक्रवार को रवानगी के बाद देर शाम तक कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा, इसे लेकर मौजूद साधुओं ने नाराजगी जाहिर की है। मामले पर थाना किला इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें अलखनाथ मंदिर पर सिपाहियों की तैनाती का एसएसपी से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। अगर, आदेश मिलेगा तो तैनाती जरूर की जाएगी।