फसल बीमा पर प्रमुख सचिव को बताया गया कि बीमा कंपनी ने 11 आवेदकों को क्लेम नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब कंपनी किसानों से प्रीमियम लेने में आगे रहती है तो क्लेम देने में पीछे क्यों? डीएम और सीडीओ से कहा कि कंपनी अगर किसानों की फसल का क्लेम न दे या आनाकानी करे तो उसका अनुबंध रद्द कर दो। किसान अपनी फसलों का बीमा कराएं।
बेडवार टूटता नहीं, तोड़ा जाता है
रुहेलखंड नहर डिवीजन के एक्सईएन से पूछा कि रजबहा को राजबहा क्यों लिखा। फिर कहा कि नहरों में अभी टेल जिंदा हैं या नहीं। बेडवार कितने हैं। इसके जवाब में एक्सईएन ने कहा कि टूट गए। संजय भूसरेड्डी ने कहा कि बेडवार टूटता नहीं, तोड़ा जाता है। जिस तरह सरकारी दफ्तर से कभी फाइल गायब होती नहीं बल्कि गायब की जाती है। अंग्रेजों के बनाए बेडवार 100 साल में नहीं टूटे। इसके बाद नहर विभाग के बेडवार 15 साल में सब टूट गए क्योंकि आपके डिपार्टमेंट के काम करने का तरीका यही है। सारे पेमेंट हवा में हो जाते हैं-चाहें वह नहरों की सफाई हो या फिर बाकी काम। अगली बार तीन दिन रुककर नहर, टेल और बेडवार मौके पर चलकर देखेंगे। हाइट से बेडवार मैच नहीं हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
27 करोड़ में रोजगार कितने दोगे
जिला उद्योग केंद्र के जीएम से पूछा कि नया उद्योग कौन सा लग रहा है। जवाब मिला-मीरगंज में 27 करोड़ की लागत से नया उद्योग लग रहा है। प्रमुख सचिव ने कहा कि इतने इन्वेस्टमेंट में रोजगार कितने लोगों को दोगे। जीएम डीआईसी इसका जवाब नहीं दे पाए। बैठक में डीएम, सीडीओ, एडीएम प्रशासन समेत सभी विभागों के प्रमुख अफसर मौजूद थे।