रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के लेट आने पर परीक्षा देने से रोके जाने पर वह भड़क गए। उनका कहना था कि ट्रेन रेलवे वालों की लेट हुई है। सूचना मिलने पर एडीआरएम भी मौके पर पहुंच गए। अभ्यर्थियों के तेवर देखते हुए वह भी लौट गए। मामला पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय पहुंचने पर अभ्यर्थियों को अगली शिफ्ट में परीक्षा दिलाई गई।
भोजीपुरा के श्री सिद्धि विनायक इंस्टीट्यूट में रोजाना तीन शिफ्टों में ऑनलाइन रेलवे भर्ती परीक्षा चल रही है। परीक्षा दिसंबर तक चलेगी। परीक्षा की व्यवस्था सहायक कार्मिक अधिकारी संतराज के पास है। बृहस्पतिवार की सुबह नौ से 10.30 बजे की शिफ्ट में चार अभ्यर्थी लेट पहुंचे। अधिकारियों की चेतावनी के बाद उन्हें परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई। यहां बता दें कि इन अभ्यर्थियों को 7.15 बजे सेंटर पर रिपोर्ट करना था। इसके अलावा दूसरे शिफ्ट की 12.30 से दो बजे तक होने वाली परीक्षा में 85 अभ्यर्थी देरी से पहुंचे, तो संतराज ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया। यह छात्र लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, मथुरा आदि शहरों के थे। संतराज के मुताबिक इन अभ्यर्थियों को सेंटर पर 11.15 बजे रिपोर्ट करना था।
परीक्षा में बैठने से मना किए जाने पर अभ्यर्थी उत्तेजित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना था कि वह रेलवे की परीक्षा देने आए हैं, ट्रेन भी रेलवे की लेट हुई है, इसमें उनका क्या कुसूर। सूचना मिलने पर एडीआरएम एके अग्रवाल, एसडीएम सदर आदि भी इंस्टीट्यूट पहुंच गए। उन्होंने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्रों के तेवर देखकर वह भी कुछ नहीं कर सके और लौट गए। मामला रेलवे भर्ती बोर्ड पहुंचा तो पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर के अधिकारियों ने अगली शिफ्ट में परीक्षा दिलवाने के आदेश दिए। इसके बाद हंगामा शांत हो गया।
अभ्यर्थी काफी देरी से आए थे। उन्हें 11.15 बजे तक सेंटर पर रिपोर्ट करना था, हालांकि बाद में उन्हें अगली शिफ्ट में परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई। अभ्यर्थियों के हंगामा करने की बात निराधार है।
- डीके सिंह, डीआरएम, इज्जतनगर डिवीजन