पति की हत्या में पत्नी और
उसके जीजा को उम्रकैद
गवाही के दौरान बेटे ने मां को पिता का हत्यारा बताया
- अवैध संबंधों के चलते 2010 में हुई थी मनोज की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। अवैध संबंधों के चलते हुई सिठौरा के मनोज की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी और साढ़ू को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले का अहम पहलू कोर्ट में मनोज के बारह साल के बेटे शिवम की गवाही रही। इसमें उसने कहा कि उसकी मां और मौसा ने जहर मिली शराब पिलाकर पापा को मार डाला था। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा ने किया।
घटना की रिपोर्ट गांव सिठौरा थाना सुभाषनगर की रहने वाली सवित्री देवी ने दो मई, 2010 को लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उनके बेटे मनोज की शादी 2001 में गांव सैदपुर कुर्मियान, थाना बिथरी चैनपुर की रहने वाली दिशा से हुई थी। मनोज के एक बेटा और एक बेटी है। दिशा के संबंध बदायूं में रहने वाले अपने बहनोई रवींद्र से थे। 19 नवंबर, 2010 की रात रवींद्र, मनोज के घर आया। सुबह मनोज की अपने घर में लाश मिली। इसकी सूचना मनोज के चाचा छत्रपाल ने थाने पर दी। पोस्टमार्टम के बाद भी मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा की जांच कराई गई तो जहर से मौत की पुष्टि हुई। मनोज की मौत के बाद दिशा अपने बहनोई रवींद्र के साथ बदायूं जाकर रहने लगी। विवेचना के बाद पुलिस ने दिशा और रवींद्र के खिलाफ हत्या के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने अभियुक्ता दिशा और रवींद्र को मनोज की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि का आधा हिस्सा मृतक मनोज के बेटे शिवम को देने का आदेश अदालत ने दिया।