बहराइच से पीलीभीत तक ब्रॉडगेज तैयार करके उस पर हेरिटेज ट्रेन चलाई जाएगी। इस ट्रेन के कलपुर्जे एनसीआर में तैयार करने की योजना है। एनसीआर के उद्योग ये कलपुर्जे बनाने की तैयारी में हैं। खुद रेलवे की तरफ से इसकी पहल की गई है।
बृहस्पतिवार को इस प्रोजेक्ट का रोडमैप तैयार करने के लिए रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) के अधिकारी नोएडा पहुंचे। अधिकारियों ने एनईए भवन में उद्यमियों के साथ बैठक कर रेलवे की कई योजनाओं की जानकारी दी। इसमें बात सामने आई कि रेल के इंजन से लेकर बोगी और ट्रैक तक में लगने वाले कलपुर्जे 20 हजार से ज्यादा वेंडर इकाइयों में तैयार होंगे। पहली बार वेंडरों को सीधे तौर पर रेलवे से जुड़ने का मौका दिया जा रहा है।
रेलवे की खरीद के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है। फिलहाल रेलवे के लिए कंपोनेंट तैयार करने वेंडरों की संख्या खासी कम है। रेलवे के 282 आइटम ऐसे हैं जिनको केवल तीन वेंडर ही बना रहे हैं। ऐसे में रेलवे के विकास के साथ उद्योगों के विकास का खाका तैयार किया गया है। आरडीएसओ के अधिकारी पूरे एनसीआर में वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम कर रहे हैं। उद्यमियों के साथ एनईए भवन में बैठक करने वालों में आरडीएसओ के निदेशक (मैकेनिकल) लोकेश सिंह, निदेशक (स्टोर), एसके वर्मा, डिप्टी डायरेक्टर एसके भारद्वाज आदि शामिल थे।