हाईकोर्ट ने रात 10 बजे के बाद धार्मिक स्थलों के अलावा बारातघर या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर लाउडस्पीकर बंद रखने के आदेश दिए थे। दिन में भी आवासीय एरिया में 45 डेसिबल और वाणिज्यिक एरिया में 55 डेसिबल से ऊपर लाउडस्पीकर बजाने पर भी उच्च न्यायालय ने रोक लगाई थी। फिलहाल, प्रशासन हाईकोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं करा पा रहा है।
शाहदाना, पुराना शहर के सूफी टोला, ईसाईयों की पुलिया, कुतुबखाना, राजकीय इंटर कॉलेज के निकट, कोहाड़ापीर, किला, बिहारीपुर, प्रेमनगर के अलावा बुधौलिया, सीबीगंज, परसाखेड़ा में धार्मिक स्थलों के अलावा बारातघरों और बैंक्वेट हाल में रात 10 बजे के बाद डीजे खूब बज रहे हैं। डायल-100 और संबंधित चौकी और थानों पर शिकायत के बावजूद न तो पुलिस इनको रोक पा रही है, न ही प्रशासन ने कभी हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने की कवायद की है। अमर उजाला ने शहर के विभिन्न इलाकों में लाउडस्पीकर और डीजे के शोर का जायजा लिया तो रात 10 से 11 बजे तक अधिकांश चौराहों, बारात घरों और धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजते नजर आए। अयूब खां चौराहे पर प्रसाद परिवार ने पड़ोस के बारात घर से सुबह से देर रात तक शोर होने की बात बताई।