अर्बन स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती होने पहुंची गर्भवती महिला का प्रसव सड़क पर ही हो गया। जिस समय महिला केंद्र पहुंची थी उस समय वहां ताला पड़ा हुआ था। बाद में स्टाफ ने पहुंचकर महिला को केंद्र में भर्ती कर आगे का उपचार किया। आशा कार्यकर्ता और महिला के पति ने स्टाफ को फोन भी लगाया लेकिन उनके पहुंचने से पहले प्रसव हो चुका था। जानकारी के बाद सीएमओ ने डॉक्टरों की टीम भेजकर महिला का हालचाल लिया। जच्चा और बच्चा स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
राजीव कालोनी सुभाषनगर के रहने वाले सत्य प्रकाश की पत्नी ऊषा देवी को आठ माह का गर्भ था। 31 जुलाई प्रसव तिथि डॉक्टराें द्वारा बताई गई थी लेकिन अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आशा मोहिनी सक्सेना को पति ने बुलाया और रवींद्र नगर अर्बन हेल्थ सेंटर आने लगे। बताया जा रहा है कि सुबह 7.30 बजे महिला और परिवार के लोग सेंटर पहुंच गए थे। यहां से स्टाफ को फोन किया गया तो उन्होंने आने की बात कही। इतनी देर में ऊषा का प्रसव केंद्र के बाहर सड़क पर ही हो गया। सवा आठ बजे के बाद पहुंची स्टाफ नर्स और डॉक्टर माया फु लेरा ने महिला की गर्भनाल काटी और भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार और डॉ. आरएन गिरी ने मौके पर जाकर जायजा लिया।
मोहल्ले की महिलाआें ने कराया प्रसव
ऊषा देवी को जब प्रसव पीड़ा तेज हुई तो वह चिल्लाने लगी। यह सुनकर केंद्र के आसपास घराें की महिलाएं निकल आई। उन्होंने महिला को दर्द से तड़पते देखा तो उसे ठीक जगह पर लेटा दिया और सहयोग से प्रसव कराया। केंद्र के बाहर की गंदगी भी महिला के परिजनों से अस्पताल कर्मियों ने साफ कराई। केंद्र के बाहर लगे नंबर स्टाफ ने हटा दिया है। किसी पर कॉल नहीं कर सकते हैं। केंद्र के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि यह केंद्र रोज देर में खुलता है।
वक्त पर नहीं खुलते सेंटर
इस घटना ने एक बात और साबित कर दी है कि स्वास्थ्य केंद्र वक्त पर नहीं खुलते। मुहल्ले की महिलाओं ने सुरक्षित प्रसव करा दिया वरना कुछ भी हो सकता था। पहले भी चेकिंग में पाया गया है कि हेल्थ सेंटर वक्त पर नहीं खुलते हैं।
केंद्र खुलने से पहले ही गर्भवती महिला वहां पहुंच गई थी। आशा ने केंद्र पहुंचकर स्टाफ को फोन किया। जब तक स्टाफ पहुंचा तब तक प्रसव हो चुका था। मैंने डॉक्टराें की टीम भेजकर स्थिति पता करवाई है। जच्चा- बच्चा स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
डॉ. विजय यादव, सीएमओ