बरेली। चुनाव के दौरान संपत्तियों का क्रय विक्रय भी काफी कम हो गया है। इससे रजिस्ट्री विभाग की स्टांप ड्यूटी से होने वाली जहां आमदनी में कमी आई है, वहीं कातिबों को भी ग्राहक न मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि इलेक्शन के बाद स्थित में फिर से सुधार हो जाएगा।
रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर हर दिन संपत्तियों के 90 से लेकर 120 तक बैनामा हो हैं लेकिन इलेक्शन शुरू होने के बाद से ही रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में काफी कमी आई है। इससे स्टांप बिक्री भी प्रभावित हुई है। कातिबों का कहना है कि अब हर रोज 10 से 15 रजिस्ट्री ही हो रही हैं। संपत्ति की बिक्री न होने से कातिबों को भी दिनभर खाली समय काटना पड़ रहा है। दस्तावेज लेखक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और महासचिव राजेश सक्सेना ने बताया कि लोग चुनाव में व्यस्त हो जाते हैं। इसलिए लोग जमीन की खरीद बिक्री चुनाव बीतने के बाद ही करना चाहते हैं।