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मिशन हैप्पीनेस ने शहीद की बिटिया को लिया ‘गोद’

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बरेली। शहीद परिवारों की मदद के लिए कोई आर्थिक तो कोई भविष्य में जरूरत पड़ने पर सहयोग का आश्वासन दे रहा है। वहीं मिशन हैप्पीनेस ने आश्वासनों से एक कदम आगे बढ़ पुलवामा हमले के जवान शहीद श्याम बाबू की छह माह की बेटी की शिक्षा से विवाह तक का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। रविवार को राजेंद्र नगर स्थित मिशन हैप्पीनेस परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डिवाइन सर्वर ने यह घोषणा की।
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आईटीबीपी के सीओ अनिल कुमार अकरणिया ने मिशन हैप्पीनेस की इस कवायद से अर्द्धसैनिक बल के जवानों का मनोबल बढ़ने की बात कही। डिवाइन सर्वर ने कहा कि एकमुश्त मदद से परिवार का भरण-पोषण हो सकता है, लेकिन शहीद जवान की कन्या क ी शिक्षा और विवाह परिवार के समक्ष चुनौती होती है। ऐसे में श्याम बाबू की बेटी, जिसे आतंकियों ने पिता की छांव से महज छह माह की उम्र्र में ही अलग कर दिया उसको एक पिता की तरह ‘गोद’ लेकर सभी जरूरतों को पूरा किया जाने का संकल्प लिया है। आईटीबीपी एलओ कमल हसन जैदी ने अन्य शहीद परिवार की क न्याओं के सहयोग के लिए कहा। जिस पर डिवाइन सर्वर ने कहा, राजगंज के शहीद पंकज त्रिपाठी की जन्म लेने वाली संतान कन्या होने पर उसकी जिम्मेदारी उठाएंगे।

शहीद श्याम बाबू के पिता ने जताया मिशन का आभार
कानपुर के रहगुआ निवासी पिता राम प्रसाद ने कहा कि परिवार का बड़ा बेटा शहीद श्याम बाबू ही कमाता था। उसकी मौत से वह टूट से गए। परिवार ‘बेसहारा’ हो गया। परिवार में अभी तो सब एक हैं, लेकिन आगे समस्या मुंहबाए खड़ी हैं। इन हालात में मिशन हैप्पीनेस की नातिन आयुषी की शिक्षा से विवाह तक की मदद के वह शुक्रगुजार हैं।
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