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मोदी जी कहते हैं किसानों को रुपये देंगे, अफसर फार्म नहीं लेते

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बरेली। कमिश्नर रणवीर प्रसाद बुधवार को अचानक तहसील पहुंचे। वहां कई ग्रामीण प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के फार्म हाथ में लिए भटकते मिले। किसानों ने कमिश्नर से शिकायत की कि प्रधान और लेखपाल कोई सुनवाई नहीं कर रहे। इसलिए उन्हें यूं भटकना पड़ रहा है। उन्होंने एसडीएम सदर एमपी सिंह को किसानों के फार्म जमा कराकर कार्रवाई करने के आदेश दिए। कमिश्नर ने इस योजना के फार्म की डाटा फीडिंग के बारे में भी तहसील स्टाफ से पूछताछ की।
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किसान सम्मान योजना को लेकर इन दिनों फार्म जमा करने और डाटा फीडिंग का काम जल्द पूरा कराने का प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। बुधवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद तहसील के कंप्यूटर कक्ष में चल रहे फार्मों की फीडिंग के काम को देखा। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि इस काम में जितनी तेजी होनी चाहिए थी, वह नहीं दिखाई दे रही। वह कंप्यूटर रूम के बाहर जैसे ही निकले उनकी नजर कुछ ग्रामीणों पर पड़ी, जो किसान सम्मान योजना के फार्म जमा करने के लिए भटक रहे थे। उन्होंने एसडीएम को आदेश दिए कि किसानों को उनकी गांव या ब्लॉक में ही फार्म जमा कराने की व्यवस्था कराई जाए, नहीं तो यहां दलाल उनसे रुपये ऐंठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि लेखपाल का न तो फोन मिल रहा है और न ही वह फार्मों की जांच कर रहे हैं। इससे पहले कमिश्नर विकास भवन और कलक्ट्रेट भी पहुंचे और उन्होंने वहां किसान सम्मान योजना के डाटा फीडिंग के काम को देखा।

कम फीडिंग पर डीएम हुए नाराज
प्रधानमंत्री सम्मान योजना में फार्मों की फीडिंग करने के लिए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने 20 फरवरी तक 17500 किसानों का लक्ष्य दिया था। मुख्य सचिव ने इसे लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की थी, लेकिन इस टारगेट को न पूरा कर पाने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। इस संबंध में सभी एसडीएम को नाटिस भी भेजे गए हैं।
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