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गरीबों को ‘मुर्गी’ बनाया लाखों का मुर्गीदाना खिलाया

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बरेली। पीलीभीत के एफसीआई गोदामों से भेजे गए सरकारी चावल को रास्ते में ही माफिया के गोदाम में पहुंचा देने के मामले में एमडी के विजिलेंस जांच का आदेश दे दिए जाने के बावजूद मामले को रफादफा करने की कोशिश की जा रही है। डीएम के आदेश पर इस मामले में एफआईआर दर्ज कराए जाने के बावजूद एफसीआई का एरिया मैनेजर कार्यालय अभी तक चुप्पी साधे बैठा है। क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर की ओर से भी इसका कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। इसके बजाय दोषी माने जा रहे ठेकेदार को एक और बड़ा ठेका दिलाने की जुगत की जा रही है।
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पीलीभीत जिले के एफसीआई गोदामों से बरेली-अलीगढ़ भेजे जा रहे चावल को जिस तरह पिछले दिनों नवाबगंज में एक राशन माफिया के गोदाम में ले जाकर बदलकर बोरों में मुर्गी दाना भर दिया, उससे यह तो साफ ही कर दिया कि गरीबों, स्कूली बच्चों के साथ दूसरी कई सरकारी योजनाओं के तहत देश भर में खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाले एफसीआई गरीबों को अपनी ‘मुर्गी’ से ज्यादा कुछ नहीं मानता। ‘अमर उजाला’ के इसका खुलासा करने के बाद सीएमडी ने विजिलेंस जांच का आदेश दे दिया है, इससे अफसरों की नींद उड़ गयी हैं। सूत्रों के मुताबिक परिवहन ठेके में गड़बड़ी कर ऐसे घोटालों को अंजाम दिया जा रहा था, लिहाजा अब विजिलेंस जांच में पोल खुलने के डर से विभागीय अधिकारी सहमे हुए हैं। हालांकि इसके बावजूद मामले को रफादफा करने की पूरी कोशिश की जा रही है।

विभागीय ठेकेदार का जवाबतलब तक नहीं
एफसीआई गोदामों से सरकारी राशन उठाने का ठेका डीकेएसटीसी के पास है। इसी फर्म के वाहनों पर लदकर आया गरीबों का राशन ही नवाबगंज के गांव गरगईया में राशन माफिया के गोदाम पर बदला गया और बोरों का वजन कम करने के साथ ही उनमें मुर्गी दाना भर दिया गया। इसका जो वीडियो वायरल हुआ, उसमें फर्म का नंबर और पता लिखा दिख रहा है। इसके बावजूद प्रशासन और एफसीआई अफसरों की आंखें बंद हैं। इस पर न कोई कार्रवाई हुई न जवाबतलब।
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परिवहन के टेंडरों में हेराफेरी
पिछले दिनों एफसीआई राज्य मुख्यालय ने परिवहन के लिए टेंडर मांगे थे। इन दिनों ढुलाई की दरें 3.16 रुपये प्रति किलोमीटर प्रचलित हैं लेकिन मुर्गी दाना मिलाने और घटतौली करने में माहिर फर्मों ने टेंडर में 3.87 रुपये प्रति किलोमीटर दर्शायी हैं। बताया जाता है कि एफसीआई राज्य मुख्यालय में संबंधित एजीएम स्तर के अफसर ऊंची दरों पर ही टेंडर स्वीकृत कराना चाहते हैं। गरीबों के राशन में मुर्गीदाना मिलाने का मामला तूल पकड़ने से ये अफसर ‘सेफ गेम’ खेलना चाहते हैं।
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