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माननीय! अब 25 दिन में कैसे खपाएंगे 55 करोड़

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बरेली। योगी सरकार ने लोकसभा चुनाव नजदीक देखते हुए सूबे के सांसद और विधायकों को खुश करने के लिए त्वरित विकास निधि जारी करने की घोषणा की है और इसके तहत प्रत्येक सांसद और विधायक को 5-5 करोड़ रुपये अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए दिए गए हैं। सांसद और विधायकों से यह कहा गया कि वह लोकसभा चुनाव से पहले ही प्रस्तावित कामों पर यह निधि खर्च कर लें। मगर हालत यह है कि डीआरडीए और आरईएस पिछले 10 महीनों में सांसद और विधायक निधि के 23 करोड़ के काम नहीं करा पाए हैं। ऐसे में अंदाजा ही लगाया जा सकता है कि बाकी बचे 25-30 दिन में त्वरित विकास निधि के करीब 55 करोड़ के काम कैसे हो पाएंगे।
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वर्ष 2018-19 में बरेली जिले के दोनों सांसदों को 10 करोड़ और प्रत्येक विधायक को 1.5 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस तरह सांसद और विधायकों को 23.5 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिल चुके हैं। वर्तमान में सांसद और विधायक निधि के कामों की प्रगति न के बराबर है। आरईएस ने केवल फाइलों में कुछ काम शुरू कराने के दावे कर माननीयों को भ्रम में डाल रखा है लेकिन मौके पर अधिकांश काम शुरू ही नहीं हुए। बीते दो साल की सांसद और विधायक निधि के 200 से ज्यादा काम लंबित हैं। 10 महीने में सांसद और विधायक निधि से कभी ई-टेंडरिंग तो कभी जीएसटी लागू होने से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ाने के नाम पर 90 फीसदी काम नहीं हो पाए। दो-चार कामों की प्रगति दिखाकर अफसर केवल अपनी वाहवाही लूटने में लगे हैं।
उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सांसद और विधायकों को त्वरित विकास निधि में 5-5 करोड़ रुपये और आवंटित करने की घोषणा कर दी। अभी तक त्वरित विकास निधि का बजट शासन से नहीं आया। एक या दो हफ्ते में बजट मिलने की उम्मीद है। काम के प्रस्ताव पहले ही बन गए। उनको स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी चल रही है। मगर, चुनाव आचार संहिता लगने से पहले यह काम पूरे हो पाएंगे, इसमें संदेह है।
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त्वरित विकास निधि में अभी बजट नहीं आया है। विधायक निधि के काम भी प्रगति पर हैं। ई-टेंडरिंग की वजह से थोड़ा लेट चल रहे हैं। मगर, सब काम समय से पूरे कराए जाएंगे। - वीके यादव, पीडी डीआरडीए
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