बरेली। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद नए साल पर सरकार से एक और बाईपास के रूप में बरेली को खास तोहफा दिलाने पर मंथन कर रहे हैं। बड़ा बाईपास बनने के बाद इस रोड पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए फरीदपुर से भुता होते हुए बड़ा बाईपास पर नया फोरलेन बनाने के लिए अफसरों के साथ ही जनता से भी राय ली जा रही है। सबकी सहमति बनी तो 2019 में लखनऊ से नैनीताल जाने वालों को बरेली और फरीदपुर नहीं आना पड़ेगा। हालांकि अभी इस प्रोजेक्ट पर मंथन ही चल रहा है।
मंडलायुक्त ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि बड़ा बाईपास बनने के बावजूद अभी दिल्ली और नैनीताल रोड पर ट्रैफिक ज्यादा है। वह अपने कार्यकाल में बरेली को रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, ताकि एक ही रोड पर वाहनों का ज्यादा लोड न पड़े। बड़ा बाईपास और पीलीभीत रोड पर वाहनों का लोड कम करने के लिए फरीदपुर से पुराने मार्गों से होते हुए ऐसा फोरलेन बने, जो सीधे नैनीताल रोड से जुड़ जाए। इससे लखनऊ से आने वाले भारी और हल्के वाहन फरीदपुर बाईपास से भुता, कुआंडांटा से बड़ा बाईपास पर निकलेंगे और नैनीताल रूट उनकी पकड़ में आसानी से आ जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इस वित्तीय वर्ष के लिए नहीं है क्योंकि वर्तमान वित्तीय वर्ष मेें पहले से ही इतने प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है कि नए प्रोजेक्ट को स्वीकृत कराना संभव नहीं है, लेकिन अगले वित्तीय वर्ष में वह पूरा प्रयास करेंगे कि रोड की कनेक्टिविटी इतनी हो जाए कि दिल्ली, लखनऊ, नैनीताल या पीलीभीत और टनकपुर जाने वाले वाहन बरेली के अंदर न आएं। रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने से शहर में जाम से छुटकारा मिलेगा और सड़कों पर ओवरलोड भी कम होगा।
अगले वित्तीय वर्ष के लिए फरीदपुर से नैनीताल मार्ग पर सीधे कनेक्टिविटी लाने पर काम चल रहा है। अभी रूट तय नहीं है। पुराने मार्गों में किसी भी रोड को चौड़ा करके नया बाईपास बनाया जा सकता है, जो फरीदपुर बाईपास को सीधे बड़ा बाईपास और नैनीताल रोड पर जोड़े। - रणवीर प्रसाद