पति की ओर से दायर किए गए मुकदमे में तलाक मंजूर होने के बाद बुधवार को एक महिला ने अदालत परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया। महिला का कहना था कि उसे बताया गया था कि बुधवार को बहस होनी है, यहां आकर पता लगा कि उसका तलाक मंजूर हो गया है। हंगामा करते हुए उसने चूड़ी से अपना हाथ काटने की कोशिश की। महिला पुलिस को बुलाकर बमुश्किल उसे अदालत परिसर से बाहर किया गया।
राजेंद्र नगर के योगेंद्र सिंह ने सिरौली के गांव हरदासपुर निवासी अपनी पत्नी रीता यादव से तलाक के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया था। योगेंद्र का कहना था कि रीता से उनकी शादी 24 फरवरी 2011 को हुई थी। शादी के बाद उनके ससुर और साले का उनके साथ व्यवहार अच्छा नहीं रहा। रीता उनके चरित्र पर भी लांछन लगाने लगी। वह उन पर मां और बहन से अलग रहने का दबाव डालती थी। रीता ने योगेंद्र के सारे आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उनका पति बार-बार उन्हें गांव की लड़की बताकर ताने देता था। अदालत ने इस मुकदमे में गवाही के बाद फैसले की तारीख लगाई थी। 12 नवंबर को कोर्ट ने योगेंद्र और रीता का तलाक मंजूर कर उनके विवाह को विच्छेदित करने आदेश दे दिया।
बुधवार को अदालत पहुंची रीता को जब तलाक मंजूर होने के बारे में पता चला तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। चीख-चीख कर रोते हुए शोर मचाने पर रीता को उनके भाइयों ने संभालने की कोशिश की लेकिन वह उनके काबू में भी नहीं आईं। इस पर महिला पुलिस कर्मियों को बुलाया गया जिन्होंने रीता को जबरन कोर्ट से बाहर किया। कोर्ट के बाहर रीता ने चूड़ी से अपना हाथ काटने की कोशिश की। जैसे-तैसे उन्हें हाथ काटने से रोका गया तो उन्होंने कोर्ट परिसर में ही शीशे की खिड़की पर हाथ मारना शुरू कर दिया। महिला पुलिस ने काफी देर मशक्कत के बाद रीता को शांत किया और समझाबुझा कर जिला जज की अदालत के बाहर बैठा दिया। कुछ देर बाद वह अपने भाइयों के साथ लौट गईं।