मलेरिया और फैल्सीपेरम मलेरिया के दृष्टिगत बरेली मंडल के चार जिलों समेत प्रदेश के 18 जिले अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इन जिलों में मच्छरजनित इस बीमारी की रोकने को डीडीटी के छिड़काव के साथ स्पेशल मच्छरदानी बांटी जाएंगी। यही नहीं, जिनके पास पहले से मच्छरदानी हैं उन्हें भी ‘स्पेशल’ बनाया जाएगा। फिलहाल हर जिले से मलेरिया प्रभावित रहे दो गांवों को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जाएगा।
18 जिलों में मलेरिया की रोकथाम को पहले से किए जा रहे प्रयास तो जारी रहेंगे ही, साथ ही इन जिलों के लोगों को मच्छर से बचाने को लांगलास्टिक इनसेक्टिस्साइड्स नेट्स (एलएलआईएन) मच्छरदानी भी दी जाएंगी। फिलहाल शासन इन जिलों के मलेरिया प्रभावित दो ब्लॉकों के एक-एक गांव को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुन कर पहले यहां कुछ लोगों को स्पेशल मच्छरदानी देगा। जो ग्रामीण रह जाएंगे उनमें यह चिह्नित किया जाएगा कि किन परिवारों के पास पहले से मच्छरदानी हैं। इन्हें भी डेल्टा मैथरिन कीटनाशक के .02 प्रतिशत घोल में डुबो कर स्पेशल मच्छरदानी बना दिया जाएगा।
ये जिले हैं अति संवेदनशील
बरेली, बदायूं, सोनभद्र, हरदोई, मिर्जापुर, प्रयागराज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, औरैया, कानपुर देहात, अलीगढ़, रामपुर, सहारनपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, एटा, गौतमबुद्धनगर, भदोही।